How to Do Chin Mudra in Hindi: चिन मुद्रा के 9 अद्भुत लाभ

Chin Mudra in Hindi जिस प्रकार व्यक्ति के चलने और बैठने की स्थिति उसके व्यक्तित्व के बारे में सब कुछ बता देती है उसी प्रकार योग जगत में खड़े होने तथा बैठने की अवस्था व्यक्ति के बारे में बहुत कुछ बता देती है।

योगासन एवं मुद्राएं मात्र मानसिक अथवा शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास में भी अत्यंत सहायक हैं। प्राचीन योगियों अथवा आधुनिक अध्यात्मिक गुरुओं के ध्यानमग्न अवस्था उनके मानसिक सर्वोच्चता के बारे में बताती है।

उदाहरण के लिए यदि महात्मा बुद्ध के ध्यानमग्न अवस्था को देखें तो उनकी मुद्रा अलग है। वहीं दूसरी ओर यदि किसी प्राचीन योगी या सन्यासी का चित्र देखें तो उनकी मुद्रा भिन्न होती है।

इन्हीं सामान्य सी दिखने वाली मुद्राओं में जीवन के गहरे राज़ छिपे हुए हैं।

Mystic Mind के इस आर्टिकल में हम एक अत्यंत प्रचलित, सरल किन्तु महत्वपूर्ण मुद्रा के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इस मुद्रा को लोग चिन मुद्रा अथवा ज्ञान मुद्रा के नाम से जानते हैं। कुछ लोग इसे Chin ki Mudra भी कहते हैं।

अत्यंत प्रचलित इस मुद्रा के अनेकों लाभ हैं किन्तु सबसे पहले देखते हैं कि चिन मुद्रा Chin ki Mudra क्या है?

What is Chin Mudra in Hindi चिन मुद्रा क्या है

आपके इस सवाल Chin ki Mudra kya hai का जवाब देने से पहले बता दें कि इसे अक्सर ज्ञान मुद्रा के नाम से संबोधित किया जाता है।

चिन मुद्रा Chin Mudra का शाब्दिक अर्थ देखें तो चिन का अर्थ ठोड़ी होती है किन्तु संस्कृत भाषा से निकली इन मुद्राओं का असली रहस्य संस्कृत में ही छिपा है।

संस्कृत में चिन का अर्थ चेतना होता है तथा मुद्रा अर्थात उंगलियों की स्थिति। मुद्राएं हाथों की पांचों उंगलियां जो कि पांच तत्वों को संतुलित करती हैं की विशेष अवस्था से बनती हैं।

चिन मुद्रा Chin Mudra अथवा ज्ञान मुद्रा में तर्जनी एवं अंगूठे का मिलान होता है जिसमें तर्जनी उंगली आत्मा तथा अंगूठा परमात्मा अथवा उच्च चेतना का प्रतीक है।

अन्य उंगलियां जैसे कि कनिष्ठा तमस, अनामिका रजस एवं मध्यमा सत्व का प्रतीक हैं। इस प्रकार चिन मुद्रा का गहराई में अर्थ देखें तो यह ज्ञान मुद्रा आत्मा को परमात्मा से मिलन की अनुभूति दिलाती है।

समस्त सांसारिक विषयों से परे चेतना को उच्च स्तर पर ले जाना ही ज्ञान मुद्रा/ चिन मुद्रा का उद्देश्य होता है इसीलिए लोग अक्सर ध्यान के लिए ज्ञान मुद्रा का प्रयोग करते हैं।

चिन मुद्रा का यह गूढ़ रहस्य जानने के बाद आइए देखते हैं कि सही तरीके से कैसे चिन मुद्रा का अभ्यास किया जाए।

How to Do Chin Mudra in Hindi

चिन मुद्रा Chin Mudra का भरपूर लाभ लेने के लिए इसकी विधि को बारीकियों से पता होना आवश्यक है। आइए देखते हैं को ज्ञान मुद्रा का सही अभ्यास कैसे करें।

Chin Mudra Images

१- चिन मुद्रा के अभ्यास पूर्व स्वच्छ, शांत एवं हवादार स्थान का चुनाव कर दरी अथवा योगा मैट बिछाकर उसपर बैठ जाएं।

२- ध्यान, अथवा मुद्रा अभ्यास के लिए सुखासन, पद्मासन तथा अर्ध पद्मासन सबसे लाभकारी आसन है। जो आपको सहज लगे और जिसमें लंबे समय तक बैठना आसन हो उस आसन का चुनाव करें।

३- वातावरण सुखद बनाने के लिए आप लैवेंडर एसेंशियल ऑयल का प्रयोग भी कर सकते हैं। मेरुदंड को बिल्कुल सीधा कर बैठ जाएं।

४- दोनों हाथों को पैरों के घुटने पर रखें, ध्यान रहे कि हथेलियों को आसमान की तरफ़ खुला रखें। दोनों हाथों के अंगूठे को तर्जनी उंगली के पोर से जोड़ लें।

५- शेष तीन उंगलियां अर्थात मध्यमा, अनामिका एवं कनिष्ठा को पूर्ण रूप से सीधा रखें।

६- आंखें बंद करें तथा लंबी गहरी सांस लेकर सांसों को भीतर रोक लें। जितनी देर तक रोकना आसन रहे रोकें फिर मुंह से बाहर छोड़ दें।

७- पांच से सात बार सांसों का अभ्यास कर ध्यान को वर्तमान में लाएं तथा शरीर को आराम की अवस्था में कर लें।

८- अब ध्यान का अभ्यास जितनी देर भी संभव हो या आप जिस ध्यान के नियमित अभ्यासी हों उसका आरंभ करें।

९- ध्यान के अभ्यास के दौरान ध्यान को हाथों को मुद्रा परभी ले जाएं एवं वहां पर हो रहे परिवर्तन को महसूस करें।

इस प्रकार से किया गया Chin Mudra चिन मुद्रा/ ज्ञान मुद्रा का अभ्यास अनेकों लाभ देता है।

Benefits of Chin Mudra in Hindi

सही तरीके से ज्ञान मुद्रा का अभ्यास करने से ध्यान गहरा होने के साथ अनेकों लाभ होते हैं। आइए अब Chin Mudra Benefits को विस्तार से जानते हैं।

१- सर्वप्रथम चिन मुद्रा का अभ्यास ध्यान में एकाग्रता बढ़ाने के साथ अवधि में भी वृद्धि करता है।

२- नियमित चिन मुद्रा का अभ्यास शरीर में नवीन उर्जा का संचार करता है एवं मन से किसी भी प्रकार की उदासी अथवा निराशा को खत्म करने मे मदद करता है।

३- चिन मुद्रा Chin Mudra एकाग्रता बढ़ाने के साथ साथ शरीर में वायु तत्व एवं मस्तिष्क में रक्त संचार बढ़ाता है। फलस्वरप कार्य क्षमता बढ़ने के साथ स्मरण शक्ति भी बढ़ने लगती है।

४- ध्यान के दौरान चिन मुद्रा/ ज्ञान मुद्रा का अभ्यास अनिद्रा, चिंता, तथा किसी भ प्रकार के मानसिक रोगों से मुक्ति दिलाता है।

५- चिन मुद्रा Chin Mudra सभी चक्रों को संतुलित कर चेतना को उच्च स्तर तक ले जाने में मदद करती है। जहां से आप अपने सम्पूर्ण शरीर के अंगों को संचालित करने में समर्थ हो सकते हैं। अर्थात हीलिंग शक्ति प्रदान करती है।

कुण्डलिनी शक्ति जागृत से होने वाले लाभ

६- शरीर में किसी भी प्रकार की पीड़ा जैसे कि कमर दर्द, घुटने दर्द अथवा कंधों में दर्द से राहत दिलाने में चिन मुद्रा/ ज्ञान मुद्रा लाभदाई मुद्रा है।

७- चिन मुद्रा Chin Mudra का नियमित अभ्यास नकारात्मक ऊर्जा के प्रभावों से तथ नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाकर आपको सकारात्मक एवं उत्साही बनाता है।

८- चिन मुद्रा स्वासथ्यवर्ध्दक होने के साथ विशेष स्वसन् प्रणाली को तंदुरुस्त कर सांसों संबंधी समस्याओं से भी बचाती है।

चिन मुद्रा Chin Mudra अभ्यास में ध्यान देने योग्य बातें

१- ज्ञान मुद्रा Chin Mudra के अभ्यास के दौरान उंगलियों के अलग होने की आशंका होती है तो कोई बात नहीं आप दोबारा इसे जोड़कर अपनी पूर्व अवस्था में ला सकते हैं।

२- शुरुवाती दिनों में किसी योग्य शिक्षक से मुद्राओं को सीखकर घर पर भी अभ्यास किया जा सकता है।

३- चिन मुद्रा Chin Mudra के अभ्यास में यदि किसी भी प्रकार की असुविधा महसूस हो तो तुरंत सहज हो जाएं। (वैसे तो यह मुद्रा अत्यंत सरल एवं लाभदाई है फिर भी योग्य शिक्षक से सलाह लें)

FAQs

१-Which Mudra is most Powerful?

सबसे शक्तिशाली मुद्रा तो उसी को कहा जाए जो जीवन की हर समस्या का हाल दे एवं जीवन को सुखद बनाए। ध्यान मुद्रा जिसे मेडिटेशन मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है, सर्वश्रेष्ठ एवं सबसे शक्ति शाली मुद्रा मानी जाती है।

इसे भी पढ़ें: ध्यान मुद्रा कैसे करें एवं इसके लाभ

२- Which Mudra is Best for Hair Growth?

शरीर में पृथ्वी तत्व को कमी के कारण बालों का गिरना शुरू हो जाता है। इसलिए बालों के लिए सर्वश्रेष्ठ मुद्रा पृथ्वी मुद्रा है। इस Chin Mudra मुद्रा का नियमित अभ्यास अग्नि तत्व को कम कर पृथ्वी तत्व को संतुलित करता है। फलस्वरप बालों का गिरना कम होने के साथ बल घने एवं मजबूत भी बनते हैं।

३- Which Mudra is for Beautiful skin?

जल तत्व की कमी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां, रूखापन तथा अन्य समस्याएं होती है। वरुण मुद्रा शरीर में जल तत्व का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। इसके नियमित अभ्यास से त्वचा को भरपूर मॉइश्चराइजर मिलता है एवं त्वचा चमकीली एवं स्वस्थ बनती है।

Final Words: चिन मुद्रा Chin Mudra अर्थात ज्ञान मुद्रा का नियमित पंद्रह से बीस मिनट का अभ्यास जीवन में सुख एवं शांति लाने में समर्थ है। कुछ देर तक ध्यान एवं ज्ञान मुद्रा का अभ्यास मानसिक एवं भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाता है।

भवतु सब्बै मंगलम!

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