Vayu Mudra in Hindi: वायु मुद्रा के सरल अभ्यास से पाएं 10 स्वास्थ्य लाभ

Vayu Mudra in Hindi प्रकृति के पांच तत्व मानव शरीर से भिन्न नहीं हैं। इन्हीं पांच तत्वों से बने शरीर में जब भी किसी तत्व का असंतुलन होता है, शारीरिक तथा मानसिक बीमारियां उत्पन्न होती हैं।
वायु मुद्रा इन पांच तत्वों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्रा है जो वायु तत्व को संतुलित करती है।

इस आर्टिकल में हम Vayu Mudra वायु मुद्रा के बारे में तथा इसके अभ्यास से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।

What is Vayu Mudra वायु मुद्रा क्या है?

संस्कृत शब्द वायु जिसे हिंदी में हवा कहते हैं। जिसके बिना जीवन संभव नहीं हैं। आयुर्वेद कहता है कि मानव शरीर के अंदर चौरासी प्रकार की वायु का प्रवाह होता रहता है, इसलिए वायु तत्व का संतुलन आवश्यक है। यह तत्व मानव मन तथा पाचन क्रिया को गहराई से प्रभावित करता है।

हवा ना हमें सिर्फ जीने के लिए आक्सीजन देती है, बल्कि शुद्ध हवा कई रोगों को जड़ से समाप्त करने में भी सहायक है।

वायु तत्व एक चंचल तत्व है, जिसका असंतुलन मन को अत्यंत चंचल तथा अस्थिर कर देता है। अस्थिरता जीवन में कई समस्याएं तथा बीमारियों को भी निमंत्रित करती है। अतः मन को स्थिर कर एकाग्रचित्त रहने के लिए वायु मुद्रा Vayu Mudra अत्यंत लाभदायक मुद्रा है। वात सम्बन्धी समस्याओं को कम समय में समाप्त करने के लिए वायु मुद्रा रामबाण का काम करती है।

How to Do Vayu Mudra in Hindi वायु मुद्रा कैसे करें

१- वायु मुद्रा के अभ्यास के लिए जमीन पर कोई आसान बिछाकर उसपर आराम की स्थिति में बैठ जाएं।

२- वज्रासन, पद्मासन अथवा सिद्धासन में से जिस आसान में आपको अधिक आराम महसूस हो उसका प्रयोग करें। मेरा सुझाव रहेगा कि कोशिका करें कि वायु मुद्रा के लिए वज्रासन में बैठें।

३- दोनों हथेलियों को घुटनों पर रखें, ध्यान रहें कि हथेलियां ऊपर की ओर खुल रहीं हों।

४- कुछ लंबी गहरी साँस लें तथा स्वयं को वर्तमान में लाएं। सांसों के इस अभ्यास से शरीर में मौजूद। तनाव भी दूर हो जाता है।

५- अब तर्जनी उंगली अर्थात अंगूठे के ठीक बगल वाली उंगली को अंदर की तरफ़ मोड़ लें तथा अंगूठे से उसको दबाएं। अन्य उंगलियों को बिल्कुल सीधी अवस्था में रखें उन्हें मुड़ने ना दें।

Vayu Mudra Images

६- आंखें बंद करें तथा जितना समय सम्भव हो सांसों पर ध्यान दें। आसन तथा उंगलियों की अवस्था में कोई बदलाव ना लाएं।

When to Perform Vayu Mudra in Hindi वायु मुद्रा के अभ्यास के लिए उत्तम समय

किसी भी मुद्रा के अभ्यास का समय महत्वपूर्ण होता है। वायु मुद्रा Vayu Mudra का अभ्यास यदि प्रातःकाल खाली पेट से कम से कम १०- १५ मिनट किया जाए तो कई बीमारियों से आसानी से मुक्ति मिल जाती है। किन्तु यदि सुबह सम्भव ना हो सके तो दोपहर या शाम में भी उतनी ही अवधि के लिए अभ्यास कर सकते हैं। मात्र ध्यान रहे कि Vaayu Mudra मुद्रा के अभ्यास के समय पेट बिल्कुल खाली हो।

Vayu Mudra Benefits in Hindi/Benefits of Vayu Mudra वायु मुद्रा के लाभ

जैसा कि आपको पहले से पता है कि वायु शरीर के कई तत्वों तथा उससे सम्बन्धित अंगों को प्रभावित करती है। वायु मुद्रा के अभ्यास से निम्न लाभ होते हैं।

१- वात सम्बन्धी बीमारियां जैसे कि कमर दर्द, जोड़ों में दर्द, गठिया, सर्वाइकल इत्यादि की अवस्था में Vayu Mudra वायु मुद्रा के अभ्यास से तुरंत आराम मिलता है।

२- वायु तत्व के बढ़ने से जोड़ों में मौजूद वह तरल पदार्थ सैनोवियल फ्लूइड, जो जोड़ों के घुमाव की प्रक्रिया में सहायक होता है वह सुख जाता है। इसलिए जोड़ों से आवाज आने के साथ दर्द भी होता है। Vayu Mudra वायु मुद्रा के संतुलित होने से ना सिर्फ दर्द कम होता है बल्कि तरल द्रव्य की उपस्थिति में जोड़े स्वस्थ होते हैं।

३- लंबे समय तक एक ही अवस्था में बैठने, खड़े होने अथवा सोने की अवस्था में गर्दन में भी अकड़न अथवा पीड़ा होने लगती है। इसका कारण है कि हथेलियों में मौजूद वात नाड़ी में असंतुलन होना। Vaayu Mudra की अवस्था में यदि गर्दन को घड़ी की दिशा में या घड़ी की उल्टी दिशा में घुमाया जाय तो जल्दी ही आराम मिलता है।

४- पेट संबंधी समस्या जैसे कि अपच होना, मिचली होना अथवा पेट फूलने की समस्या में वायु मुद्रा का अभ्यास तुरंत आराम देता है। कुछ लोगों को यात्रा के दौरान उल्टी अथवा मिचली की समस्या होती है, ऐसे में यदि आप यात्रा के दौरान Vaayu Mudra की अवस्था में रहें तो उल्टी नहीं होगी।

५- शरीर के स्वस्थ संचालन में रक्त संचार का अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान है। रक्त प्रवाह में किसी भी प्रकार की रुकावट होने से अनेक समस्याएं जैसे कि हाथ पैर का फूल जाना, अंगों का सुन्न होना अथवा कम्पन होना इत्यादि उत्पन्न होती हैं। यदि लंबे समय तक इस और ध्यान नहीं दिया गया तो लकवा होने की भी संभावना होती है। वायु मुद्रा के कुछ ही दिनों के अभ्यास से रक्त संचार को संतुलित कर इन समस्याओं में मुक्त हुआ जा सकता है।

६- शरीर में वायु तत्व तथा रक्त प्रवाह में असंतुलन के कारण हृदय भी कमज़ोर पड़ता है तथा उससे सम्बन्धित बीमारियां होती हैं। ऐसे में वायु मुद्रा का अभ्यास ना सिर्फ़ हृदय संबंधी बीमारियों से बचाती है बल्कि रक्त धमनियों को स्वच्छ कर उनको अधिक लचीला बनाती है।

७- लगातार आने वाली हिचकी अथवा डकार की समस्या से ग्रसित लोगों के लिए वायु मुद्रा अत्यन्त लाभकारी है। कुछ दिनों के अभ्यास से ही उन्हें बदलाव का अनुभव हो जायेगा।

८- यदि आप कुण्डलिनी शक्ति से अवगत हैं तो वायु मुद्रा इस शक्ति को जागृत करने में सहायक है। वायु मुद्रा के अभ्यास से शरीर सुषुम्ना नाड़ी में वायु के सुचारू प्रवाह के कारण चक्रों को संतुलित तथा सक्रिय करने में लाभ होता है। जिसका सीधा असर कुंडलिनी शक्ति पर होता है। कुंडलिनी जागरण के विषय में अधिक जानने के लिए नीचे लिंक पर जाकर पढ़ें

कुंडलिनी शक्ति जागरण प्रक्रिया तथा इससे होने वाले लाभ

९- वायु मुद्रा के नियमित अभ्यास से चंचल मन को आसानी से शांत तथा एकाग्र किया जा सकता है। जिसके फलस्वरूप मस्तिष्क स्वस्थ तथा तेज़ होने के साथ स्मरण शक्ति में भी बढ़ोत्तरी होती है।

१०- वायु मुद्रा का अभ्यास कई बीमारियों से मुक्ति के साथ शरीर में रोग प्रतिकार शक्ति भी बढ़ाता है। छाती को मजबूत बनाने के साथ वायु मुद्रा का अभ्यास तनाव आदि से भी मुक्त रखता है।

Vayu Mudra for Gas

Vayu Mudra for Gas by MysticMind

पेट में गैस की समय कई बीमारियों को अपने साठ ले आती है। गैस अर्थ वायु की अधिकता! Vayu Mudra वायु मुद्रा के अभ्यास के दौरान अंगूठा जो को अग्नि तत्व से सम्बन्धित है, शरीर में मौजूद वायु की अधिकता को जलाकर कम कर देती है।

दूसरे शब्दों में, वायु को संतुलित कर पाचन तंत्र को सुचारु रूप से चलाने में वायु मुद्रा अत्यन्त लाभकारी मुद्रा है।

Vayu Mudra for Hair Growth

बालों का गिरना, अथवा कम बालों का उगना अक्सर मानसिक तनाव, प्रोटीन की कमी अथवा बंद ग्रंथियों की वजह से होता है। वायु मुद्रा के अभ्यास से तनाव या चिंता कम होती है तथा मन शांत होता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायु मुद्रा Vayu Mudra सम्पूर्ण शरीर में रक्त संचार के प्रवाह को सुचारू करने में सहायक है जिसके कारण बालों को पर्याप्त प्रोटीन तथा सहायक पोषक तत्व मिलने लगते हैं। फलस्वरूप बालों का झड़ना थम जाता है तथा उनकी बाल अधिक मजबूत तथा चमकदार बन जाते हैं।

Vayu Mudra Side Effects

योग अथवा मुद्रा Vayu Mudra अभ्यास से अक्सर लाभ ही देखने के लिए मिलता है क्योंकि ये अभ्यास शरीर के असंतुलित तत्वों को संतुलित करते हैं। फिर भी, यदि आपको किसी भी प्रकार का असहज शारीरिक परिणाम महसूस हो तो तुरंत इसका अभ्यास रोक दें तथा किसी योग्य शिक्षक अथवा चिकित्सक से सलाह लें।

 

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