Tadasana Yoga in Hindi:ताड़ासन योग की सही विधि व 7 जादुई लाभ

Tadasana Yoga in Hindi बचपन में मेरी सबसे पसंदीदा कविता की पंक्ति आज भी मुझे याद है “मैं हूं उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़”। उम्मीद है आपने भी इसे ज़रूर पढ़ी होगी।

किसी भी मकान के निर्माण में ईंट, चूना, सीमेंट से पहले उसकी नींव सबसे महत्वूर्ण होती है क्योंकि उसी की गहराई और मजबूती पर ही घर की मजबूती का भविष्य टिका होता है। ठीक उसी प्रकार मानव शरीर का स्वास्थ्य उसके मेरुदंड अथवा रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य पर निर्भर होता है।

उम्मीद है अब आपको कविता की पंक्तियां साझा करने की वजह समझ में आ गई होगी।

ध्यान, योग, मुद्रा अभ्यास में कुछ आसान या मुद्राएं बिल्कुल घर के नींव की तरह काम करती हैं। यदि नींव अच्छी रही तो आगे सब कुछ अच्छा ही होता है।

ताड़ासन एक ऐसा योगासन है जो अन्य योगासनों को सही प्रकार से करने में मदद करता है। कई आसनों को करने से पहले ताड़ासन के अभ्यास की सलाह भी दी जाती है।

आज इस आर्टिकल में हम आपके साथ What is Tadasana Yoga और Tadasana Yoga Steps and Benefits के विषय में विस्तार से जानकारी बाटेंगे।

तो सबसे पहले इस आसन के नाम में छिपे Mystic Meaning को जानेंगे।

Tadasana Meaning in Hindi

आसनों तथा मुद्राओं के नाम प्राचीनतम होने के कारण संस्कृत भाषा से चुने गए हैं। ताड़ासन भी संस्कृत के दो शब्द ताड़ तथा आसन को मिलाकर एक ताड़ासन बनाया गया है।

ताड़ का अर्थ पर्वत ( ताड़ नाम का एक वृक्ष भी होता है जो नारियल के पेड़ अथवा पर्वत के समान लंबा तथा खड़ा होता है) तथा आसन अथवा अवस्था। इस प्रकार Tadasana Yoga / ताड़ासन का अर्थ उस आसन से है जो पर्वत के समान खड़ा रहता है।

What is Tadasana in Yoga

दूसरे शब्दों में कहूं तो ताड़ासन आपके खड़े रहने की नींव जिसे हम मेरुदंड अथवा रीढ़ की हड्डी कहते हैं उसको मजबूत करने का काम करता है।

अंग्रेजी भाषा में ताड़ासन Mountain Pose के नाम से प्रचलित है। Tadasana Yoga Pose कैसे करते हैं यह जानने से पहले देखते हैं कि किसी भी आसनों के पहले ताड़ासन योगा क्यों करना चाहिए। सबसे महत्वूर्ण इसके वह लाभ जिसे जानने के बाद आप खुद इस आसन का अभ्यास करने के लिए मजबूर हो जाएं।

Tadasana Yoga Benefits in Hindi

Tadasana Yoga Images

ताड़ासन का अभ्यास वैसे देखा जाए तो सभी के लिए अनिवार्य होना चाहिए क्योंकि रीढ़ की हड्डी सबके पास है तथा इसका स्वास्थ्य सबसे महत्वूर्ण हैं। किन्तु कुछ विशेष हालातों में विशेष देख रेख में करना चाहिए। इस आर्टिकल के अंत में हम इस विषय में जानकारी देखेंगे अभि देखते हैं कि ताड़ासन अभ्यास से क्या लाभ होते हैं।

१- Tadasana Yoga Benefits जैसा कि आपने थोड़ी देर पहले ही पढ़ा की रीढ़ की हड्डी हमारे स्वस्थ शरीर तथा जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण है। इस आसन के अभ्यास से सर्वाधिक लाभ शरीर के इस हिस्से को मिलता है इस प्रकार यह आसन हमारे चलने फिरने तथा खड़ा रहने की शक्ति को बढ़ाता है।

२- जैसा कि आपको पता ही होगा कि कुंडलिनी शक्ति इस रीढ़ की हड्डी म से होकर गुजरती है। ताड़ासन के अभ्यास से ऊर्जा प्रवाहित होने तथा कुण्डलिनी जागरण में भी लाभ मिलता है। शरीर में अवरूद्ध को ऊर्जा को अथवा चक्रों को सक्रिय करने में यह आसन मदद करता है।

३- Tadasana Yoga Benefits अक्सर आपने देखा होगा लोग झुककर बैठते हैं अथवा चलते हैं। लंबे समय तक इस अवस्था का अभ्यास सम्पूर्ण स्वास्थ्य तथा व्यक्तित्व के लिए हानिकारक है। Tadasan Yoga Pose ताड़ासन इस पोस्चर को सुधारने में मदद करता है। जिसका असर ना सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि व्यक्तित्व निखारने में भी होता है।

४- आजकल गलत खान पर के दो तरीके से असर देखे जाते हैं। कभी कभी बच्चा उम्र से बढ़ा दिखने लगता है तो कभी सही खान पान न मिलने के कारण उसकी लम्बाई अथवा अन्य स्वास्थ्य पर असर होता है।
ताड़ासन योगा के नियमित अभ्यास से उन बच्चों की लंबाई को बढ़ते देखा गया है जो कई तरीके अपनाकर थक गए थे।

५- Tadasana Yoga Benefits बढ़ती उम्र के साथ अक्सर जोड़ों का दर्द मानों सहचर बनकर आ जाता है। इसका एकमात्र कारण है कि उन घुटनों के स्वास्थ्य को लंबे समय तक अनदेखा किया गया।

Tadasana Yoga ताड़ासन योगा के नियमित अभ्यास से जोड़ों में ऊर्जा प्रवाह, रक्त संचार तथा क्रिया कलाप होना शुरू हो जाता है। फलस्वरूप जोड़ों का दर्द गायब होने के साथ जोड़ों में स्वास्थ्य वृद्धि होने लगती है।

६- चाहे आप किसी भी प्रकार का कम करते हों, बैठकर या खड़े होकर। शरीर का संतुलन होना स्वास्थ्य के संतुलन पर निर्भर करता है। ताड़ासन योगा के अभ्यास में पैरों तथा मेरुदंड का भरपूर प्रयोग किया जाता है।

जब शरीर के सभी मुख्य अंगों में ऊर्जा का संतुलित प्रवाह शुरू होता है तो स्वास्थ्य बढ़ता है। खड़े होकर इस आसन का अभ्यास करने से शरीर के संतुलन में वृद्धि होती है।

७- Tadasana Yoga Benefits अक्सर लोग बैठकर किए गए आसनों में आराम महसूस करते हैं। देखा जाए तो मनुष्य ज्यादातर खड़े होकर कार्य करने में थकता है। ताड़ासन के नियमित अभ्यास का सबसे अनोखा लाभ यह है कि यह आसन खड़े होकर शरीर को आराम देता है।

जब सभी चक्रों से होकर ऊर्जा क्राउन चक्र तक पहुंचती है तो मानसिक स्वास्थ्य वृद्ध बढ़ने लगती है। जिसके बदले में तनाव, चिंता तथा अन्य परेशानियां कम होने लगती हैं क्योंकि आप आसानी से हल निकाल लेते हैं।

How To Do Tadasana Yoga

इतने सारे लाभ Tadasana Benefits जानने के बाद आपमें इस आसन को करने की इच्छा अवश्य बढ़ी होगी। तो चलिए देखते हैं कि सही अभ्यास के लिए Tadasana Yoga Steps क्या हैं?

१- किसी समतल जगह पर दरी अथवा योगा मैट पर बिछाकर उस पर खड़े हो जाएं तथा दोनों पैरों को थोड़ी दूर एवं हाथों की सामान्य रूप से नीचे, कमर के पास रहने दें।

२- दो- तीन लंबी गहरी सांस लेकर स्वयं को स्थिर एवं ध्यान को वर्तमान में लाएं। योगासनों का पुरन लाभ तभी मिलता है जब ध्यान वर्तमान में हो।

३- Tadasana Yoga अब दोनों हाथों को सिर के बिल्कुल ऊपर सीध में ले जाएं तथा दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में अटकाएं। चित्र की सहायता से सही अवस्था का अभ्यास करें।

Tadasana Yoga Images

४- Tadasana Yoga दोनों हाथों को बिल्कुल सीधा रखें तथा धीरे धीरे दोनों पैरों की एड़ियों को ऊपर उठाना शुरू करें। हाथों को जितना ऊपर की तरफ़ खींच सकते हैं खींचकर शरीर को तानें। ऐसे में सम्पूर्ण शरीर का भार सिर्फ़ पैरों की उंगलियों पर आ जाता है।

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५- जितनी देर इस अवस्था में खड़े रह सकते हैं खड़े रहें तथा ध्यान को सम्पूर्ण शरीर में घुमाएं। शरीर के जिस भी हिस्से में खिंचाव महसूस होता है वहां पर गौर करें। पैरों, कंधे, कमर, हाथ तथा हाथों की उंगलियों में हो रहे खिंचाव को महसूस करें।

६- Tadasana Yoga उपर्युक्त प्रक्रिया के दौरान सांसों को बिल्कुल सामान्य चलने दें। आप चाहें तो एक से पंद्रह तक कि गिनती होने तक खड़े रह सकते हैं।

७- धीरे से दोनों पैरों को उंगलियों को ज़मीन पर रखें तथा दोनों हाथों को नीचे कमर के पास लाएं। इस प्रकार ताड़ासन का एक चक्र पूरा हुआ।

८- Tadasana Yoga कुछ सेकंड के विश्राम के बाद इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं। इस प्रकार शुरु में कम से कम दस बार करें। समय के साथ ताड़ासन योग के एक चक्र की अवधि पंद्रह सेकंड से बीस पच्चीस, तीस सेकंड से लेकर एक मिनट तक बढ़ा सकते हैं।

Precautions While Practicing Tadasana Yoga

वैसे तो यह आसन हर बड़ा बूढ़ा कर सकता है किन्तु कुछ विशेष परिस्थितियों में इसके अभ्यास के समय कुछ विशेष बातों का खयाल रखें।

१- किसी भी प्रकार की स्वांस अथवा रक्तचाप के असंतुलन होने पर विशेषज्ञ की देख रेख़ अथवा सलाह लेकर ही करें।

२- पैरों की उंगलियों में चोट होने पर एडी को ऊपर ना उठाए , पैर ज़मीन पर रखकर भी कर सकते हैं। अन्यथा उल्टा परिणाम हो सकता है।

३- किसी भी प्रकार के गंभीर बीमारी की अवस्था में चिकित्सक की सलाह लेकर ही योगासनों का अभ्यास करें।

Final Words: उम्मीद है Tadasana Yoga से संबंधित सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे। सबसे बड़ा लाभ इस आसन का यह है कि इसे आप कभी भी किसी भी समय कर सकते हैं।

दूसरों की मदद करना तथा उसे सही सलाह देना भी परोपकार है। यदि आर्टिकल अच्छा लगा हो तो दूसरों के साथ अवश्य साझा कर उनकी मदद करें।

भवतु सब्ब मंगलम !

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