Shiva in Meditation in Hindi: शिव ध्यान से होने वाले 8 अद्भुत लाभ

Shiva in Meditation ध्यान की बात चले और प्रथम ध्यान योगी, आदि योगी की बात ना हो, तो ध्यान अधूरा रह जाता है। ध्यान का आरंभ भी शिव हैं तथा अन्त भी शिव हैं। भगवान शिव सिर्फ ईश्वर ही नहीं, एक पति, पिता एवम् गुरु के रूप में भी सम्पूर्ण हैं।

अपने अनुभवों से मेरा यही मानना है कि ध्यान तब तक सफल नहीं होता जब तक उसमें सही ज्ञान का मिश्रण ना हो। दूसरे शब्दों में, ध्यान का पूर्ण परिणाम पाने के लिए सही ज्ञान का ग्रहण भी आवश्यक है। उसके बिना मनुष्य भटक सकता है। यही कारण है कि लोग कहते हैं कि त्राटक क्रिया, कुंडलिनी ध्यान या अन्य ध्यान अभ्यास किसी के गाइडेंस में ही करें।

Meaning of Seeing Shiva During Meditation ध्यान के दौरान शिव का दर्शन

मेरे कई साधकों को Reiki attunement के दौरान भगवान शिव का चित्र दिखा तथा कुछ लोगों को ध्यान के दौरान अचानक भगवान शिव के दर्शन हो जाते हैं।

यह अवस्था ना सिर्फ एक अविस्मरणीय अनुभव है बल्कि इस बात का संकेत है कि आप सही दिशा में जा रहे हैं। शिवजी का इस तरह आपके ध्यान के मध्य में आना इस बात का संकेत है कि आपकी चेतना अपने गहराई में उतरने लगी है।

इस अवस्था में आपको अपनी ऊर्जा को सही मार्ग दिखाकर जीवन को सार्थक करने का अवसर प्राप्त होता है।

Benefits Of Shiva in Meditation

ध्यान का अभ्यास करने की अनन्य विधियां हैं, किन्तु यदि अपना ध्यान भगवान शिव के नेत्र पर टिका देना ही सर्वश्रेष्ठ अनुभव रहा है।

Lord Shiva in Meditation image

Shiva in Meditation ध्यान की गहराई में उतरने से पहले उनका हाथ थाम लेना अथवा उनसे मदद मांग लेने वालों को कभी निराशा नहीं मिली। इसीलिए तो उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है। प्रेम के दो बोल से पिघलने वाले भोलेनाथ के पास हर समस्या का समाधान है। ज़रूरत है तो बस उनसे वह रिश्ता स्थापन करने की, जिसमें आपके प्रेम की धार उन तक पहुंच सके।

भगवान शिव की आराधना तथा उनका ध्यान करने में अनेकों लाभ होते हैं।

१- Shiva in Meditation ध्यान को सहज शब्द में कहूं तो ब्रह्माण्ड से ऊर्जा ग्रहण करने का सरल तरीका है। ऊर्जा उसी स्थान पर प्रवाहित होती है जहां हमारा ध्यान रहता है। इसलिए जब आप भगवान शिव से अपना ध्यान जोड़ते हैं तो उनकी ऊर्जा का प्रवाह आपमें होने लगता है।

२- Shiva in Meditation कहते हैं, आप जिसके साथ ज्यादा समय बिताते हैं, वैसे ही बन जाते हैं। जब आप ध्यान में भगवान शिव से सम्बन्ध बढ़ाते हैं तो उनके समस्त दैवी गुण आपमें बढ़ने लगते हैं।

Lord Shiva in Meditation image

३- Shiva in Meditation शिवजी का निवास स्थान कैलाश पर्वत, जिसे समस्त भूलोक पर ऊर्जा का सर्वोच्च स्थान माना जाता है, शरीर में क्राउन चक्र का प्रतीक है। यदि ध्यान में स्वयं को कैलाश पर्वत पर भगवान शिव के साथ समय बिताते हैं तो सहस्रर चक्र सक्रिय हो जाता है। जिसके माध्यम से ईश्वरीय शक्तियों का आभास होने लगता है।

४- भगवान शिव का अघोरी रूप जो चिता की भस्म से ढका होता है, भौतिक वस्तुओं से आसक्तियों से मुक्त करने में मदद करता है। ध्यान के इस स्तर पर जाने के लिए जा जाने कितने वर्ष लग जाते हैं किन्तु ध्यान में भोलेनाथ के स्मरण मात्र से आप इस अवस्था के नजदीक पहुंचने लगते हैं।

५- Shiva in Meditation जैसा कि ऊपर आपने पढ़ा कि शिव स्वयं एक कुशल एवं सफल पति, पिता एवं गुरु हैं। तो, जो गुरु जीवन के हर क्षेत्र में सफ़ल है, वह अपनी सफ़लता के सारे पन्ने अपने सच्चे शिष्य के सामने खोल देता है। जिसकी वजह से आपमें उन गुणों का प्रवेश होने लगता है तथा आप एक बेहतर इन्सान बन जाते हैं।

६- Shiva in Meditation मानव मस्तिष्क पर पांच तत्वों में सबसे ज्यादा प्रभाव जल करता है। तथा जल को सबसे अधिक प्रभावित चन्द्रमा करता है। इन दोनों को शिवजी ने अपने सिर पर धारण कर रखा है। इतना ही नहीं इनका संतुलन भी करते हैं।

कुछ लोगों की कुंडली में जल अथवा चन्द्रमा से सम्बन्धित कुछ दोष होते हैं। जो लोग शिवजी का ध्यान करते हैं, उनके जीवन पर इन दोषों अथवा हानिकारक प्रभाव का अधिक असर नहीं पड़ता।

७- Shiva in Meditation नीलकंठ के नीले कंठ के पीछे की कहानी तो आपको पता ही होगी। जिस प्रकार प्रभु ने समुद्र से निकले हलाहल को पी लिया ताकि दूसरों को क्षति ना पहुंचे। उसी प्रकार शिव आराधना तथा ध्यान से आपमें इस सहनशक्ति की वृद्धि होती है। परिणामस्वरूप आप स्वयं के साथ दूसरों का भला करने की सोच रखने लगते हैं।

दूसरे शब्दों में कहूं तो आप सिर्फ़ स्वयं या अपने करीबी लोगों के बारे में ना सोचकर सबके बारे में सोचने लगते हैं। परोपकार की भावना आपके हृदय से प्रवाहित होने लगती है।

Lord Shiva in Meditation image

८- Shiva in Meditation यदि किसी की तीसरी आंख ने सारे संसार को प्रभावित किया है तो वह शिवजी को तीसरी आंख हैं। दूसरे शब्दों में, आज्ञा चक्र की शक्तियों का अंदाज़ा लगाना है तो शिवजी के आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाएं।

ना सिर्फ आपका आज्ञा चक्र सक्रिय होगा बल्कि उसके प्रभाव को आप मानसिक तथा शारीरिक स्तर पर अनुभव भी कर पाएंगे।

इसे भी पढें: आज्ञा चक्र सक्रिय करने से होने वाला लाभ

Shiva Meditation Mantra शिव मंत्र

शिवजी के ध्यान में आप शांति से उनका चित्रण कर उनके गुणों को स्वयं में धारण कर सकते हैं। अथवा नीचे दिए मंत्रों के उच्चारण से भी आपको लाभ प्राप्ति होती है।

Shiva Meditation Mantra Image

शिव नमस्कार मंत्र

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शिव गायत्री मंत्र

Shiva Meditation Mantra Image

पंचाक्षरी मंत्र

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Shiva Meditation Quotes in Hindi 

१- जिसकी वाणी में शक्ति और सिर पर शशि साज हो,

उसकी करुणा मेरे जीवन में, हृदय में उसी का राज़ हो!

२- शिव भी मैं और शक्ति भी मैं हूं,

मोहब्ब्त भी मैं और तेरी भक्ति भी मैं हूं!

३- सीधी सी बात है, अच्छा करोगे तो तुम्हारे साथ भी अच्छा ही होगा। चाहे तुम चाहो या ना चाहो!

४- शिव शब्द ही अनंत, समय के बन्धन से परे, मृत्यु के भय से मुक्त इस ब्रह्माण्ड की शक्तियों का स्रोत है।

५- दैवत्व मनुष्य के भीतर छिपा वह ख़ज़ाना है जिसकी चाबी “ओम नमः शिवाय” है!

Shiva in Meditation: FAQs

1- How can I see Lord Shiva in Meditation? भगवान शिव को ध्यान में कैसे देखें?

Ans: सच कहूं तो जब आप किसी के बारे में निरंतर सोचते रहते हैं तो आप उन्हें अपने सपने में देखते हैं। ध्यान भी एक गहरी नींद का अनुभव है, अंतर सिर्फ इतना है कि आप सचेत होते हैं। यदि आप सहज भगवान शिव को अपने ध्यान में देखना चाहते हैं तो उनके साथ गहरा रिश्ता बनाएं।

आप “ओम नमः शिवाय” के जाप द्वारा भी उनके करीब जा सकते हैं।

२- What Shiva Symbol? शिव किसके प्रतीक हैं?

Ans: यदि त्रिमूर्ति अर्थ ब्रह्मा विष्णु महेश के उपलक्ष्य में देखा जाए तो विनाशक महादेव हैं। किन्तु महादेव सम्पूर्ण रूप में स्वयं वह सुप्रीम स्रोत हैं जो रचना करते हैं, अपनी रचना की रक्षा भी करते हैं तथा इस ब्रह्माण्ड की संरचना भी वही करते हैं।

३- How Many Wives Did Shiva Have? शिवजी की कितनी पत्नियां हैं?

Ans:  पत्नी तो उनको एक माता पार्वती ही हैं किन्तु उनके चार स्वरूप हैं। जिन्हें हम पार्वती, उमा, दुर्गा तथा काली के रूप में जानते तथा पूजते हैं।

४- Why Shiva is always Meditating शिवजी हमेशा ध्यानावस्था में क्यों रहते हैं?

Ans:  ध्यान अर्थात समाधि और समाधि अवस्था शून्य की अवस्था है। जहां चारों ओर की परिस्थितियों के साथ स्वयं की अवस्था को भी साक्षी भाव से देखा जा सकता है। समस्त सृष्टि के रचनाकार अपनी इस अवस्था में त्रिलोक भ्रमण के साथ अपने कर्मों को भी निभाते हैं।

Final Words: यदि अपने Shiva in Meditation ध्यान के अभ्यास में महादेव को साथ रखा तो सबसे प्रभावी तथा कम समय में आपको असर दिखने के लिए मिलेगा।

सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उनके विचारों, नियमों को भी ध्यान के साथ आपको जीवन में उतारने की आवश्यकता होगी।

 

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