Pituitary Gland Meditation in Hindi: Most Potent Meditation for Height Growth

Pituitary gland meditation in Hindi ध्यान के कई प्रकार हैं तथा ये सारे असरदार हैं। किन्तु जब बात आती है pituitary gland meditation की तो यह विधि अपने आप में एक उत्तम विधि है। अक्सर इसका अभ्यास लोग शारीरिक लाभ के लिए भी करते हैं। इससे पहले कि हम इस विधि के बारे में अधिक जानें, यह जान लेना अति आवश्यक है कि यह Pituitary gland क्या है तथा कैसे काम करती है!

What is Pituitary Gland in Hindi

Pituitary Gland

Pituitary Gland को हिंदी में पीयूष ग्रंथि के नाम से जाना जाता है। यह एक अतःश्रावी ग्रंथि है हो मस्तिष्क की सतह पर होती है। इसे Master Gland भी कहते हैं क्योंकि यही सभी अन्य हार्मोन तथा ग्रंथियों को नियंत्रित करती है। pituitary gland गर्भावस्था तथा प्रसव क्रिया को भी काफ़ी हद तक नियंत्रित करती है।

How pituitary gland works in Hindi

पिट्यूट्री ग्लैंड दो भागों से मिलकर बनी है- अग्रस्थ पियुषिका और पश्च पियूषिका। सरल शब्दों में कहूं तो आगे का एक भाग और पीछे का एक भाग। अग्रस्थ भाग तनाव नियंत्रण तथा शारीरिक वृद्धि आदि की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। जबकि पीछे का भाग अन्य महत्वपूर्ण अतःश्रावी ग्रंथियों को स्रावित करता है।

Pituitary Gland Meditation for Height in Hindi

आजकल लंबाई ना बढ़ने की समस्या से काफ़ी लोग परेशान रहते हैं। मेडिटेशन का अभ्यास इस समस्या का हल है। जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि अग्रस्थ पियुषिका शारीरिक वृद्धि में सहायक है। यहीं से सारे हार्मोन्स का स्राव होता है। तो यदि आपने इस ग्रंथि पर विशेष ध्यान देकर इसे सक्रिय कर लिया तो शारीरिक वृद्धि सरल हो जाती है।

How to do Pituitary Gland Meditation for height growth in Hindi

जैसा कि आपको अंदाज़ा होगा कि ध्यान की प्रगति धीमी किन्तु परिणाम लंबे समय के लिए होता है। तो, यदि आप अपनी height ऊंचाई बढ़ाने के लिए इस ध्यान का अभ्यास करना चाहते हैं तो कुछ बातें विशेष ध्यान में रखें।

Meditation का जल्दी परिणाम देखने के लिए निरंतरता, विश्वास तथा एकाग्रता अति आवश्यक है। अपने इच्छाशक्ति का पूरा प्रयोग करें और विश्वास करें कि आपको ये रोज़ाना करना ही है और परिणाम मिलना ही है।

इस अभ्यास को शुरू करने से पहले अपनी वजन और ऊंचाई को माप अवश्य लें। कम से कम २१ दिन तक इस ध्यान का अभ्यास करें। आपकी सुविधा के हमने लिए इसे चार चरण में विभाजित कर दिया है।

Pituitary Gland Meditation प्रथम चरण – दिवस १-५ 

१- शांत, हवादार, तथा आरामदायक स्थान चुने जहां आपको ध्यान के मध्य में कोई रुकावट ना हो। एक कागज़ पर एक लाल या पीले marker से एक बड़ा सा बिंदु बनाकर उसे दीवार पर लगा दें (जिस भी स्थान पर आप बैठेंगे उसके ठीक सामने)।

Pituitary Gland Meditation

२- आपके बैठने का स्थान दीवार से ठीक २५-३० सेंटीमीटर की दूरी पर होना चाहिए। तथा ऊंचाई आपकी नाक के ठीक सामने।

३- ध्यान करते समय अपनी पीठ, रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें तथा ध्यान सामने दिख रहे बिंदु पर टिका दें।

४- कम से कम २ से ३ मिनट तक बिना पालक झपकाए आंखें बिंदु पर टिकाए रखें।

५- यदि आंखों में पानी भर जाए या दर्द होने लगे तो शुरुआती दिनों में पलकें झपका सकते हैं। किन्तु कोशिश करें कि बिना पलक झपकाए आपका ध्यान स्थिर रहे।

इस प्रकार पहले पांच दिनों में आपके ध्यान में प्रगति अवश्य होगी।

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२- दूसरा चरण – दिवस छह सात और आठ 

१- जिस बिंदु पर अभी तक ध्यान करते आए थे, उसके चारों तरफ़ एक छोटा सा गोल बना दीजिए।

Pituitary Gland Meditation

२- अब आपके ध्यान को बिंदु पर नहीं बल्कि इस गोले पर लगाना है। ध्यान रहे कि बिना पलक झपकाए ध्यान को गोले पर स्थिर रखना है।

३- तब तक ध्यान को उस गोलाकार पर टिकाए रखें जब तक कि वह आंखों के सामने से ओझल ना हो जाए। ( आपकी प्रगति का लक्षण है कि थोड़ी देर में गोलाकार गायब हो जाता है)

४- गोल गायब होने के साथ आपको हरे या पीले या अन्य कोई भी रंग दिखाई दे सकता है।

५- इस अवस्था तक पहुंचने में आपको ५ मिनट, १० मिनट या ३ मिनट भी लग सकता है। यह आपके आभास और फोकस पर निर्भर करता है।

Pituitary Gland Meditation तीसरा चरण- दिवस ९-१५

 अगले सात दिन का अभ्यास बहुत महत्वपूर्ण है। दिवस ९ से लेकर १५ तक आपको इस अभ्यास को करना है।

कहते हैं ना मनुष्य अक्सर मंज़िल के करीब जाने पर अनजाने में हार मान लेता है। तो, आपको यहां अपने संकल्पों को और भी मजबूत करना है तथा अभ्यास ज़ारी रखना है। हो सकता है कि कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़े किन्तु विश्वास रखें आपको परिणाम मिलने ही वाला है।

१- पिछली बार जो गोल अपने बनाया था उसके चारों तरफ़ एक और गोल बनाएं। खास ध्यान रहे कि यह गोलाकार मटर के दाने जितना बड़ा हो।

Pituitary Gland Meditation

२- अपने ध्यान को पहले की ही भांति इस नए गोलाकार पर तब तक टिकाए रखें जब तक कि यह गायब न हो जाए।

३- जैसे ही गोलाकार चिह्न गायब हो जाए, ध्यान हटा लें।

४- हो सकता है कि पहले दिन गोलाकार अदृश्य ना हो। खुद को फोर्स मत करें। अगले दिन फिर से कोशिश करें। यह अवश्य होगा।

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Pituitary Gland Meditation चौथा चरण- दिवस १५- २१

इस अंतिम चरण को पूर्ण होने तक आपमें जादुई परिवर्तन देखने के लिए मिल सकता है। अतः संपूर्ण उत्साह एवं विश्वास के साथ पूर्ण करें।

१- मटर के दाने के आकार के गोल पर ध्यान पूर्ववत स्थित करें।

२- तब तक ध्यान को केंद्रित रखें जब तक कि गोलाकार अदृश्य न हो जाए।

३- गोले के अदृश्य होते ही आंखें बंद कर लें। यह गोलाकार आपको बंद आंखों के सामने अर्थात आपके मन में दिखेगा।

४- अब सबसे छोटे बिंदु को अपने मन में, अपने दोनों भौहों के मध्य में, थोड़ा सा ऊपर नाक की सीध में कल्पना करें।

५- कम से कम दो मिनट तक ध्यान को उस छोटे बिंदु पर टिकाए रखें।

६- आंखें खोलें तथा स्वयं को एकदम ढीला छोड़ दें।

जब आपका ध्यान भौहों के मध्य माथे पर केंद्रित होता है तो pituitary gland से growth हार्मोन्स स्रावित होने लगता है। इस प्रकार आप स्वयं इस हार्मोन्स को प्रवाहित करने में सक्षम हैं। यदि आप अपनी ऊंचाई २१ दिन बाद मापेंगे तो आपको अवश्य बदलाव नज़र आएगा।

Note- Pituitary Gland Meditation जैसा कि मैंने अपको पहले ही कहा है कि ध्यान एक धीमी प्रक्रिया है किन्तु परिणाम अवश्य मिलते हैं। तो आपकी इच्छानुसार परिणाम पाने के लिए आपको चौथे चरण को कुछ और दिन या महीने लगातार करना चाहिए। आप पाएंगे कि आपकी शारीरिक वृद्धि अवश्य होती है।

How to activate pituitary gland by meditation in Hindi

1- उपर्युक्त विधि द्वारा आप की एक्टिवेट कर सकते हैं।
2- Reiki Meditation द्वारा भी को सक्रिय किया जाता है।
3- Third Eye Meditation द्वारा को सरलता से सक्रिय किया जा सकता है।

Pituitary Gland Meditation side effect ?
Is Pituitary Gland Meditation harmful in Hindi?

अपने अनुभव से कह सकती हूं कि ध्यान के सिर्फ़ फ़ायदे हैं, कोई नुकसान नहीं। किन्तु, ध्यान से सिर्फ एक परिवर्तन नहीं बल्कि कई परिवर्तन होते हैं। बदलाव जो नए होते हैं, उसमें मनुष्य अत्यधिक असुविधा महसूस करता है। तो, किसी भी ध्यान के अभ्यास के पहले आपको ध्यान से होने वाले परिवर्तन के बारे में अवश्य जान लेना चाहिए।

सबसे अधिक परिवर्तन Third Eye के सक्रिय होने पर होता है। इस लिंक पर जाकर ध्यान से details में पढ़ लीजिए।

Third Eye Opening Experiences and Benefits in Hindi

यदि आप पहले से स्वयं को परिवर्तन के लिए तैयार रखकर ध्यान का अभ्यास करते हैं तो कोई तकलीफ़ नहीं होगी। फिर भी, मेरा सुझाव रहेगा कि किसी भी ध्यान का अभ्यास किसी अच्छे गुरू की सलाह में रहकर करें। इससे यह लाभ होगा कि आपके सवाल के जवाब मिलते रहेंगे और आपको कोई असुविधा नहीं होगी।

ध्यान के अभ्यास के साथ सही ज्ञान का ग्रहण करना अति आवश्यक है। यदि अज्ञान रहे तो आपके अंदर हो रहे बदलाव को mental Illness अर्थात मानसिक बीमारी का नाम दे दिया जाता है।

Best time for Pituitary Gland Meditation

ध्यान के लिए उत्तम समय सुबह तथा शाम को माना जाता है। यह उन ध्यानी लोगों के लिए है को पहले से तथा लंबे समय से अभ्यास कर रहे हैं। नए लोगों के लिए मेरा सुझाव है कि आपको जब समय मिले तब कीजिए।

अक्सर मैंने अपने साधकों को देखा है, समय की सीमा होने पर अभ्यास में निरंतरता नहीं हो पाती। बीच बीच में छूट जाता है। ध्यान से लाभ पाने के लिए निरंतरता अति आवश्यक है। इसलिए आपको दिन में जब भी समय मिले आप इसका अभ्यास कर लें।

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