Malta Fruit in Hindi | Malta Fruit Benefits in Hindi | Malta Fruit Meaning in Hindi | Meaning of Malta Fruit in Hindi | Malta Fruit in Pregnancy in Hindi
प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, विटामिन सी और विटामिन ए जैसे अनेकों पौष्टिक तत्वों से भरपूर माल्टा है धरती का सबसे सेहतमंद फल। इस बात की पुष्टि औषधीय सर्वे में भी की जा चुकी है।
खासियतों के खजाने माल्टा फल की एक सबसे अलग खासियत ये है कि इसके जूस की तासीर गर्म होती है, जिसकी वजह से सर्दियों के मौसम में होनेवाली बीमारियों के लिए ये रामबाण का काम करता है।
इतनी खासियत वाले फल के बारे में सभी को नहीं पता है। यदि आप भी इस फल के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो यह आर्टिकल अंत तक पढ़िए।
तो चलिए शुरू करते हैं इस सवाल से कि माल्टा फल है क्या?
माल्टा फल क्या है | What is Malta Fruit in Hindi
नींबू प्रजाति का ये फल है सेहत का खजाना, भारत में जिसकी सबसे ज्यादा पैदावार उत्तराखंड में होती है। इसलिए तो इस फल को पहाड़ी क्षेत्र के फलों का राजा कहा जाता है।
वैसे तो फलों का राजा आम कहलाता है, लेकिन चुकी आम गर्मियों के सीजन में होता है और माल्टा सर्दियों के सीजन में, इसलिए सर्दियों के मौसम में माल्टा को ही फलों का राजा माना जाता है।
इस फल की खासियत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि ये अपनी गुणवत्ताओं और स्वाद की वजह से विदेशों में भी काफी लोकप्रिय है। कुछ जगहों पर माल्टा को ‘हिमालयन ऑरेंज’ के नाम से भी जाना जाता है। सिट्रस फैमिली के इस फल का साइंटिफिक नाम सिट्रस सिनानसिस है।
माल्टा के पल्प से स्क्वायश और जूस तैयार किया जाता है। तो वहीं इसके बीज को नर्सरी के लिए इस्तेमाल किया जाता है और इसके छिलके से अनेकों तरह के ब्यूटि प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं।
पहाड़ी क्षेत्र के इस फल की पैदावार उत्तराखंड के अलावा भवाली, नैनीताल और भीमताल जैसे ठंडे क्षेत्रों में की जाती है, जो पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
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आइए जानते हैं कि विशेष रुप से इस फल में कौन कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
माल्टा फल में पाए जाने वाले पोषक तत्व | Nutrients of Malta Fruit in Hindi
माल्टा में पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, फास्फोरस, वसा, मैग्नीशियम, आयरन, फ्लेवोनॉयड्स और प्रोटीन के अलावा इसमें सबसे अधिक मात्रा में विटामिन सी मौजूद रहता है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि इतने सारे पोषक तत्वों से भरपूर फल के सेवन से क्या लाभ मिलता है? What are Benefits of Malta Fruit in Hindi?
Malta Fruit Benefits in Hindi | माल्टा फल के फायदे
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है माल्टा – बहुत सारे लोगों के बारे में आप जानते होंगे कि वो बड़ी जल्दी-जल्दी बीमार पड़ते हैं। दरअस जिस किसी के शरीर का भी रोग-प्रतिरोधक क्षमता जितना कमजोर होता है, वो उतना ही ज्यादा बीमार पड़ता है।
रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमी की वजह से शरीर किसी भी परेशानी को बर्दाश्त ही नहीं कर पाता है और वो बीमार पड़ जाता है। तो माल्टा फल के सेवन का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करता है।
दरअसल इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी ज्यादा मददगार होता है।
खून साफ करने में है लाभदायक – बहुत सारे लोगों को आपने देखा होगा या उनके बारे में सुने होंगे कि लोग अपना खून साफ करने के लिए अंग्रेजी दवा का सेवन करते हैं।
कई मामलों में डॉक्टर भी मरीजों को खून साफ करने के लिए दवा खाने की सलाह देते हैं, जिससे हमारे शरीर पर विपरीत असर भी पड़ता है। लेकिन अगर आप नियमित तौर पर माल्टा के जूस का सेवन करते हैं तो प्राकृतिक रूप से आपका खून साफ होता रहेगा।
इसके अलावा आपको इसके और भी कई अन्य फायदे शरीर में नज़र आएंगे। चुकी ये पूरी तरह से आर्युवेदिक है तो आपके शरीर पर इसका कोई नुकसान तो बिल्कुल भी नहीं होगा।
Benefits of Malta Fruit in Hindi- भूख बढ़ाता है माल्टा
अगर कोई व्यक्ति भूख कम लगने की वजह से परेशान रहता है तो, कुछ दिनों तक माल्टा फल का सेवन करके देखे। इसके सेवन से भूख काफी बढ़ जाती है। इसका सेवन आप यूं ही खाकर करें या फिर इसका जूस पिएं।
दोनों के ही आपको कमाल के फायदे देखने को मिलेंगे।
कमजोरी दूर करने में है कारगर – अगर आप नियमित रूप से माल्टा के जूस का सेवन करें तो शरीर में कैसी भी कमजोरी क्यों ना होती हो, उसे दूर करने में ये कारगर होता है।
इसके जूस के नियमित सेवन से आप काफी ज्यादा एनर्जेटिक फील करने लगेंगे।
एनीमिया रोग में होता है फायदेमंद – माल्टा फल का नियमित सेवन शरीर में खून की कमी को बढ़ाने का काम करता है, क्योंकि इसमें आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है।
इसलिए ये फल एनीमिया के रोगियों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है।
पेट से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में है कारगर – माल्टा फल पेट से जुड़े अनेकों प्रकार की परेशानियों का दुश्मन है। फिर चाहे वो गैस की समस्या हो, या फिर पेट फूलने की शिकायत ही क्यों ना हो, सब में फायदेमंद है माल्टा का ये गुणकारी फल।
बालों को बनाता है मजबूत – धरती पर ऐसा शायद ही कोई इंसान हो जो काले, घने और मुलायम बाल ना चाहता हो। ऐसे में आपको जानकर खुशी होगी कि माल्टा फल में वो सारे गुण मौजूद हैं, जो आपके बालों को काले, घने और मुलायम बनाए।
त्वचा को चमकदार बनाता है माल्टा – वैसे तो जिस इंसान का पेट साफ रहता है उसके चेहरे पर ताजगी जरूर रहती है। तो आप अगर नियमित रूप से माल्टा फल का सेवन करते हैं, तो आपका पेट तो साफ रहेगा ही, साथ ही त्वचा भी खिलखिलाती रहेगी।
लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि त्वचा को ऊपरी देखभाल की जरूरत ना पड़े। तो इसके लिए माल्टा के छिलके को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर फेस पैक की तरह इस्तेमाल करने से त्वचा काफी चमकदार बनती है।
Benfits of Malta Fruit in Hindi गुर्दे की पथरी का है दुश्मन
औषधि विज्ञान के शोध में इस बात का खुलासा हुआ है कि माल्टा फल का जूस गुर्दे की पथरी को दूर करने में काफी ज्यादा कारगर है। इसलिए जो कोई भी गुर्दे में पथरी की समस्या से पीड़ित है उसे माल्टा के जूस का सेवन जरूर करना चाहिए।
इन बीमारियों में भी है फायदेमंद – हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल, दिल के दौरे और प्रोस्टेट कैंसर जैसी कई बीमारियों के इलाज में काफी फायदेमंद होता है माल्टा का ये गुणकारी फल।
इन सबके अलावा भी माल्टा के फल, रस, बीज और इसके छिलके का इस्तेमाल कई तरह की दवाइयों को बनाने में किया जाता है।
माल्टा के छिलके से खांसी-जुकाम, कफ कम करने, अपच और ब्रेस्ट कैंसर के घाव को कम करने के लिए भी दवा बनाई जाती है, जो काफी कारगर होते हैं। तो वहीं इसके बीज का उपयोग खांसी की दवा और सीने में दर्द को कम करने की दवा बनाने के लिए किया जाता है।
Malta Fruit in Hindi- माल्टा फल कैसा होता है ?
माल्टा का फल आकार में संतरा से बड़ा होता है और इसके छिलके भी ज्यादा मोटे होते हैं। इसका स्वाद भी खट्टा मीठा लगता है। माल्टा की पैदावार सबसे पहले चीन में की गई थी। ये एक पहाड़ी फल है, भारत में इसकी सबसे ज्यादा पैदावार उत्तराखंड में की जाती है।
माल्टा का पेड़ कैसा होता है ?
माल्टा फल के पेड़ की लंबाई करीब 6 से 12 मीटर तक होती है और ये काफी हरा भरा होता है। इसके पत्ते नुकीले और गाढ़े हरे रंग के रहते हैं। इसका फल जब कच्चा रहता है तो वह हरा रहता है और पकने पर पीले रंग का हो जाता है।
माल्टा के पेड़ लगाने के तीन साल के बाद से ही फल देने शुरु कर देते हैं। लगातार 30 सालों तक माल्टा के पेड़ फल देते रहते हैं। हालांकि पेड़ की उम्र बढ़ने पर ये कम फल देने लग जाते हैं।
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माल्टा का पेड़ भी है उपयोगी
माल्टा फल के अलावा इसका पेड़ भी काफी उपयोगी होता है। इसका लकड़ी काफी मजबूत होता है, जिसकी वजह से इसके लड़की से अनेकों तरह के फर्नीचर तैयार किए जाते हैं। तो वहीं फर्नीचर के अलावा ईंधन के लिए भी माल्टा के पेड़ की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है।
देश के दूसरे राज्यों में भी होने लगी है इसकी सप्लाई
माल्टा की पैदावार लगातार बढ़ रही है और लोगों के बीच इस फल के खासियतों की जानकारी भी बढ़ रही है, जिसकी वजह से इसकी डिमांड में काफी तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। देश के कई अन्य राज्यों में भी अब इसकी सप्लाई की जाने लगी है।
लोगों को मिल रहा है रोजगार
हर जगह से माल्टा फल और उससे तैयार किए जाने वाले सामग्रियों की डिमांड बढ़ने की वजह से स्थानीय लोग समूह बनाकर इसका जूस तैयार करते हैं, ताकि उसे बाजारों में बेचा जा सके। स्वरोजगार के क्षेत्र में ये काफी अहम रोल निभा रहा है।
डिमांड ज्यादा होने की वजह से इसकी कीमत में भी काफी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिसकी वजह से इसके व्यापार में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
माल्टा के फल से बनाया जाता है खटाई
औषधी के रूप में इस्तेमाल होने वाले माल्टा फल से लोग खटाई भी बनाकर घरों में रखते हैं, जो लंबे समय तक चलते हैं। माल्टा फल से खटाई बनाने के लिए लहसुन की पत्तियां, अदरक, धनिया के पत्ते, हरी मिर्च और जीरा को पीसकर रख लिया जा है।
फिर इस मसाले के इस्तेमाल से खटाई तैयार की जाती है, जो खाने में काफी स्वादिष्ट होते हैं और औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं।
एक महाद्वीप का नाम भी है माल्टा
आपको शायद इस बात की जानकारी ना हो कि एक द्वीप देश का नाम भी माल्टा है, जो यूरोपीय महाद्वीप में स्थित है। लेकिन आज हमने जिस माल्टा के बारे में जाना वो कोई देश नहीं बल्कि एक फल है, जो दुनिया भर में सबसे ज्यादा शक्तिवर्धक फल के तौर पर जाना जाता है।
Difference Between Orange and Malta Fruit in Hindi | माल्टा और संतरा में अंतर
माल्टा और संतरा दोनों ही नींबू के प्रजाति के फल हैं। दोनों का रंग एवं आकार एक जैसा ही है किन्तु रंग में अंतर है। ज्यादातर पोषक तत्व समान रुप से मौजूद हैं।
दोनों में अन्तर बहुत ही सूक्ष्म है जो सेवन से पता चलता है। दोनों के स्वाद में बहुत ही सूक्ष्म अन्तर है। साथ ही माल्टा मात्र ठंडे एवम् पहाड़ी इलाकों में ही पाया जाता है।
माल्टा फल के नुकसान
वैसे तो माल्टा फल के सेवन से कोई हानि नहीं है, लाभ अनेकों हैं। किन्तु कुछ हालातों में अधिक सिट्रस वाले फलों के सेवन से एसिडिटी की समस्या हो सकती है।
माल्टा का जूस कब पीना चाहिए?
जैसा कि इस फल में विटामिन सी की मात्रा भरपूर होती है जो रोग प्रतिकार शक्ति को बढ़ाने में मदद करती है।
साथ ही यह एक एंटीऑक्सीडेंट और एंटीसेप्टिक का काम भी करता है। सर्दियों के दिन में सुबह एक गिलास माल्टा का जूस मौसमी बीमारियों से बचाता है। साथ ही पाचन क्रिया को संतुलित रखने में भी मदद करता है।
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Final Words: उम्मीद है माल्टा फल Malta Fruit in Hindi के बारे में विस्तार से जानने के बाद यह फल आपकी डायट में अवश्य शामिल होगा।
सीमित मात्रा में नियमित रुप से विटामिन सी वाले फलों का सेवन करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
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सबका मंगल हो
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