कुक्कुटासन अभ्यास की विधि एवं इसके लाभ/ Kukkutasana In Hindi

शरीर को सर्व प्रकार से स्वस्थ रखने के लिए उसके प्रत्येक अंगों का प्रयोग होना तथा उनमें ऊर्जा का संचार होने अति आवश्यक है। कुक्कुटासन/Kukkutasana Yoga एक ऐसा योगासन है जो शरीर को उन अंगों को भी सक्रिय करता है जिसका हम प्रयोग करते हैं किंतु ध्यान नहीं देते।

MysticMind के इस आर्टिकल में Kukkutasana Meaning/कुक्कुटासन क्या है, इसके अभ्यास की सही विधि/Kukkutasana Steps एवं इससे मिलने वाले लाभों/Kukkutasana Benefits के बारे में विस्तार से जानेंगे।

कुक्कुटासन उन विशेष आसनों में से है जो कम प्रचलित किंतु अत्यधिक लाभकारी आसन है। यह आसन आपको आज बचपन में स्कूल में मिली एक आम सजा की याद दिला देगा।

मुझे उम्मीद है आपको भी बचपन में गलतियां करने पर मुर्गा बनने की सजा अवश्य मिली होगी। आज आपको एहसास होगा कि बचपन की वह सजा किस प्रकार न सिर्फ़ आपको गलतियां सुधारने बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद थी।

इससे पहले कि हम यह जानें कि कुक्कुटासन के अभ्यास की सही विधि एवं इससे मिलने वाले लाभ क्या है, जानते हैं कि Kukkutasana Information in Hindi/ कुक्कुटासन क्या है?

What is Kukkutasana in Hindi/ कुक्कुटासन क्या है

कुक्कुटासन संस्कृत के दो शब्दों कुक्कुट एवं आसन से मिलकर बना है। संस्कृत में कुक्कुट का अर्थ मुर्गा एवं आसन का अर्थ शरीर की मुद्रा होता है।

इस प्रकार कुक्कुटासन का शाब्दिक अर्थ शरीर की वह स्थिति है जिसमें शरीर का आकार मुर्गे की भांति बन जाता है।

इस आसन पर यदि गौर किया जाए तो यह आसन पद्मासन एवं बकासन का मिश्रित आसन है।

जानें: बकासन योग क्या है एवं इसके लाभ

जिस प्रकार शीर्षासन शरीर का संतुलन बनाने की क्षमता बढ़ाता है उसी प्रकार कुक्कुटासन भी शरीर का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

कुक्कुटासन से मिलने वाले अन्य लाभों के बारे में जानने से पहले इस आसन की अभ्यास की सही विधि/ Kukkutasana Steps in Hindi के बारे में जानते हैं।

How To Do Kukkutasana in Hindi/ कुक्कुटासन कैसे करें

आसनों का संपूर्ण लाभ लेने के लिए उनके अभ्यास की विधि का सही होना अत्यंत आवश्यक है। कुक्कुटासन का सही अभ्यास करने के लिए निम्न स्टेप्स को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

#१ सर्वप्रथम एक शांत एवं हवादार स्थान देखकर चटाई अथवा योगा मैट समतल जमीन पर बिछाकर बैठ जाएं।

#२ कुक्कुटासन/Kukkutasana के अभ्यास के लिए बैठने का सर्वश्रेष्ठ आसन पद्मासन है।

#३ आप अपने दाएं हाथ को दाएं जांघ एवं दाईं पिंडली के बीच से ले जाए एवं बाएं हाथ को बाईं जांघ एवं पिंडली के बेच ले जा कर जमीन पर रख दें।

#४ कमर के ऊपर की शरीर को थोड़ा सा आगे की तरफ झुकाते हुए दोनों हाथों को सीधा करें तथा हथेलियों को जमीन पर मजबूती से टिका दें।

#५ दोनों हथेलियों के बीच सामंजस्य बनाते हुए 3 से 4 इंच की दूरी बनाए रखें। हाथों की उंगलियों को फैलाकर इस प्रकार रखें किस संतुलन बनाने में आसानी हो।

#६ लंबी गहरी सांस लें एवं सांस को बाहर छोड़ दें। दुबारा सांस भीतर लेते हुए शरीर को जमीन से ऊपर ले जाने की कोशिश करें। ऐसा करते हुए शरीर का संपूर्ण भाग हथेलियों पर डालते हुए संतुलन बनाए रखें।

#७ शरीर को यथासंभव ऊपर ले जाने एवं दोनों हाथों को बिल्कुल सीधा करने तक ऊपर जाएं तथा स्थिर हो जाएं। नजरें बिल्कुल सीधी एवं ध्यान शरीर का संतुलन बनाए रखने पर रखें।

#८ मन में ठीक से 10, 15 तक अथवा जितना संभव हो गिनती गिनने तक रुकें एवं शरीर का संतुलन बनाए रखें। सांसों को बिल्कुल सामान्य रूप से भीतर जाने एवं बाहर आने दें।

#९ धीरे धीरे सांस बाहर छोड़ते हुए शरीर को नीचे जमीन पर रख दें। दोनों हाथों क्यों पैरों के बीच से बाहर निकालें एवं पैरों को सामान्य रूप से जमीन पर रख बैठ जाएं।

इस प्रकार कुक्कुटासन/Kukkutasana का एक चक्र पूर्ण हुआ। आप चाहे तो प्रतिदिन तीन से चार चक्र का अभ्यास कर सकते हैं।

सुझाव यही रहेगा कि जितना संभव हो उतना ही करें और शरीर के साथ किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती ना करें।

यदि उपर्युक्त विधि से नियमित तीन से चार चक्र कुक्कुटासन/Kukkutasana का अभ्यास किया जाए तो अनेकों शारीरिक एवं मानसिक लाभ मिलने लगते हैं।

आइए देखते हैं क्यों कुक्कुटासन के अभ्यास के कितने फायदे/Kukkutasana benefits  हैं।

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Kukkutasana Benefits in Hindi/ कुक्कुटासन के फायदे

#१ कुक्कुटासन/Kukkutasana Yoga Pose की अभ्यास का सर्वाधिक प्रभाव हाथों पर पड़ता है। शरीर का संपूर्ण भाग हाथों पर पड़ने के कारण बाहें सुडौल एवं मजबूत बनने लगती हैं।

#२ कुक्कुटासन के अभ्यास से कंधे एवं गर्दन के आसपास की जमीन चर्बी खत्म होने लगती है एवं हड्डियां मजबूत बन जाती हैं।

#३ कुक्कुटासन/Kukkutasana Yoga Pose के अभ्यास से हाथ एवं पैरों के जोड़ों को विशेष लाभ मिलता है। अक्सर शरीर की किन्हीं दो अंगो की हड्डियां टूटने की समस्या देखने के लिए मिलती है। इस आसन के नियमित अभ्यास इन हड्डियों को मजबूत बनाता है।

#४ कुक्कुटासन/Kukkutasana के अभ्यास से व्यक्ति मानसिक रूप से ना सिर्फ शरीर बल्कि परिस्थितियों का संतुलन बनाए रखना सीख जाता है। यह आसन व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत एवं सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है।

#५ कुक्कुटासन के अभ्यास से छाती पर विशेष प्रभाव पड़ता है। फलस्वरूप श्वसन प्रक्रिया फेफड़े एवं हृदय गति में सुधार आता है। यह आसन शोषण नलिका को स्वच्छ रख संपूर्ण शरीर में ऊर्जा एवं रक्त का संचार बढ़ा देता है।

#६ शरीर का संतुलन बनाए रखने वाला यह एक महत्वपूर्ण आसन/Kukkutasana है। शारीरिक संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला अंग शरीर का पाचन तंत्र है। कोटेशन के अभ्यास से पाचन तंत्र सुधरता है एवं शरीर सुदृढ़ तथा बलशाली बनने लगता है।

#७ कुकुटआसन/Kukkutasana के नियमित अभ्यास से मूलाधार चक्र सक्रिय करने में मदद मिलती है। यह चक्र व्यक्ति को हर प्रकार की सुरक्षा प्रदान करने के साथ शारीरिक मानसिक एवं अध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

जानें: मूलाधार चक्र सक्रिय होने के लाभ

#८ कुक्कुटासन/Kukkutasana Yoga Pose के नियमित अभ्यास से ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है एवं इतना चिंता बेचैनी आदि की समस्या कम हो जाती है।

#९ स्त्रियों के लिए कुक्कुटासन/Kukkutasana एक विशेष लाभकारी आसन माना जाता है। इस आसन का नियमित अभ्यास करने वालों को मासिक धर्म के समय होने वाली परेशानियां जैसे कि चिड़चिड़ापन अथवा दर्द से राहत मिलती है।

कुक्कुटासन का नियमित अभ्यास अत्यंत फायदेमंद होता है किंतु इस आसन का अभ्यास करने से पूर्व एवं करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान देना/Kukkutasana Precautions अत्यंत आवश्यक है।

Kukkutasana Precautions in Hindi कुक्कुटासन में सावधानियां

#१ हाथों की कोहनियां, हथेलियों, कंधों के जोड़ों में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर यह आसन न करें।

#२ प्लीहा की समस्या से परेशान लोग इस आसन का अभ्यास करने से बचें।

#३ हृदय रोग से ग्रसित लोगों को इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए। अथवा अपने चिकित्सक की सलाह के साथ एवं योग्य शिक्षक की निगरानी में ही इस आसन/ Kukkutasana Yoga Pose का अभ्यास करें।

#४ हड्डियों के किसी गंभीर बीमारी की समस्या में इस आसन का अभ्यास वर्जित है।

#५ किसी अन्य बीमारी जैसे कि फेफड़ों की समस्या पेट दर्द हर्निया गैस्ट्रिक अथवा किसी चोट की हालत में चिकित्सक की सलाह के बिना इस आसन/Kukkutasana का अभ्यास न करें।

#६ गर्भावस्था के दौरान एवं मासिक धर्म के दौरान इस आसन/Kukkutasana का अभ्यास करने से बचें।

#७ शुरुआती दिनों में योग्य शिक्षक की उपस्थिति में ही कुक्कुटासन का अभ्यास करें एवं अपनी क्षमता बढ़ाए। समय के साथ आप अकेले Kukkutasana/इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं।

Final Words: उम्मीद है आप अपनी दिनचर्या में इस अद्भुत आसन/ कुक्कुटासनय Kukkutasana Yoga Pose के अभ्यास को शामिल कर अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देंगे एवं शरीर को स्वस्थ बलशाली बनाएंगे।

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स्वस्थ रहें, सबका भला हो

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