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अनिद्रा के लक्षण, कारण एवं निवारण। Insomnia in Hindi- MysticMind

Insomnia in Hindi अनिद्रा जो न सिर्फ शरीर को बल्कि मन एवं बुद्धि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। यदि आप भी Treatment of Insomnia in Hindi अर्थात अनिद्रा से मुक्ति पाने के लिए घरेलू एवं प्राकृतिक उपाय की तलाश में हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है।

इस आर्टिकल में हम आपके साथ अनिद्रा के बारे में विस्तार से अर्थात Insomnia details in Hindi/ जैसे कि Insomnia symptoms in Hindi/अनिद्रा के लक्षण तथा Insomnia treatment in Hindi/ अनिद्रा दूर करने के घरेलू उपाय के बारे में जानकारी साझा करेंगे।

अनिद्रा के मुख्य कारणों एवं उपाय के साथ साथ कुछ आयुर्वेदिक उपचारों के बारे में भी जानेंगे।

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इससे पहले कि हम लक्षण एवं नींद नहीं आती उपाय के बारे में जानें, पहले जानते हैं कि आखिर अनिद्रा की बीमारी क्या है/What is insomnia disease in Hindi?

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What is The Meaning Of Insomnia in Hindi?

Insomnia जिसे हिंदी में नींद न आना अर्थात अनिद्रा कहते हैं, कोई साधारण समस्या नहीं बल्कि एक गंभीर बीमारी है। जिसका यदि समय पर इलाज न किया जाए तो कुछ ही हफ्तों में अन्य कई शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं को निमंत्रित करती है।

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अनिद्रा की समस्या से परेशान व्यक्ति को नींद तो आती है किंतु वह सुकून से सो नहीं पाता है। नींद ना पूरी होने के कारण थका हुआ रहता है तथा किसी कार्य में मन नहीं लगता है।

यदि आप या आपके परिवार को कोई सदस्य अनिद्रा की समस्या से ग्रस्त है तो निवारण से पहले उसका कारण जानना अति आवश्यक है। सही कारण जान लेने के बाद इलाज अत्यंत सहज हो जाता है।

आइए जानते हैं कि अनिद्रा के मुख्य कौन कौन से कारण होते हैं?

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Causes of Insomnia in Hindi/नींद की बीमारी के लिए जिम्मेदार कारक

#१ अनिद्रा का मुख्य कारण किसी भी प्रकार का मानसिक तनाव जैसे कि चिंता, अवसाद, भय, काम का अधिक बोझ इत्यादि होता है।

#२ गलत जीवन शैली भी सामान्य निद्रा को प्रभावित करती है। जीवन शैली जैसे कि देर रात तक जागना, सोने से पहले फिल्में अथवा टीवी सीरीज देखना, सोने के तुरान पहले भोजन करना इत्यादि नींद के दुश्मन हैं।

#३ किसी स्वास्थ्य संबंधी दवाइयों (अस्थमा, रक्तचाप, मधुमेह इत्यादि) का नियमित सेवन व्यक्ति के मस्तिष्क को प्रभावित करता है जिसके कारण अनिद्रा की समस्या उत्पन्न होती है।

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#४ नियमित दिनचर्या में बदलाव कई बार व्यक्ति को नींद में बढ़ा डाल देते हैं। बदलाव जैसे कि कार्य के समय में बदलाव, सोने के स्थान अथवा बिस्तर में बदलाव, अत्यधिक यात्रा इत्यादि नियमित एवं स्वस्थ नींद में बाधक हैं।

#५ अनिद्रा का दूसरा सबसे मुख्य कारक व्यक्ति का लगातार सोचते रहना है। अत्याधिक विचारों के चलने का करना मस्तिष्क की गति तेज़ होती है ऐसे में नींद न आना सामान्य है।

#६ प्रतिदिन सोने के समय में बदलाव करते रहना, कमरे में टीवी चालू रखना अथवा तेज़ रोशनी रखना भी नियमित नींद में बाधक है।

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#७ सोने से पहले धूम्रपान, दिन भर चाय अथवा कॉफी का अत्यधिक प्रयोग या दिन में असमय देर तक सोने के कारण नींद में बदलाव आता है तथा यह बदलाव बाद में अनिद्रा का कारण बन जाता है।

#८ शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी जैसे की जरूरी विटामिन, मिनरल एवं प्रोटीन की आवश्यकता पूर्ति न होना भी अनिद्रा का कारण है।

कई बार व्यक्ति की समझ में नहीं आता कि उसके अस्वस्थ होने का कारण क्या है? ऐसे में ये कुछ लक्षण हैं जो व्यक्ति के अनिद्रा के शिकार होने का संकेत देते हैं।

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Symptoms of Insomnia in Hindi/ अनिद्रा के लक्षण

#१ अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति की आंखों में नींद भरी होती है किंतु जब वह सोना चाहता है तो सो नहीं पाता या फिर नींद बार बार टूट जाती है। जिसके कारण उसे ऐसा लगता है कि वह सो नहीं पाया।

#२ सोने से पहले मदिरापान, धूम्रपान अथवा किसी अन्य दवाइयों का सेवन अनिद्रा का लक्षण है।

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#३ दिन में ज्यादातर चिड़चिड़ा एवं थकान महसूस करना, ध्यान का एकाग्रचित्त न होना अथवा व्यवस्थित न होना भी अनिद्रा का परिणाम है।

#४ लंबे समय से अनिद्रा से परेशान लोगों की याददस्त का कमज़ोर होने भी अनिद्रा का ही लक्षण है।

नींद शरीर की एक बेसिक जरूरत है इसे पूरा करने के लिए घरेलू एवं प्राकृतिक तरीकों को अपनाना ही समझदारी है। उपर्युक्त लक्षण दिखते है जीवन शैली में कुछ परिवर्तन कर इसे दूर किया जा सकता है।

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अनिद्रा से कैसे बचें/ How to Prevent Insomnia in Hindi

#१ रात को सोने एवं सुबह जागने का समय निर्धारित करें तथा उसी समय का नियमित पालन करें।

#२ रात आठ बजे के पहले रात्रि भोजन समाप्त कर लें। कोशिश करें कि रात्रि भोजन हल्का फुल्का रहे।

#३ सोने से एक घंटे पहले किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कि टीवी, मोबाइल अथवा लैपटॉप का इस्तेमाल न करें। इन उपकरणों से निकलने वाले किरणें नींद के लिए हानिकारक है।

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#४ रात्रि भोजन के आधे घंटे बाद कम से कम १५ से २० मिनट पैदल चलने की आदत डालें, इससे भोजन पचने, वजन संतुलित होने के साथ नींद आने में भी आसानी होगी।

#५ जो दवाइयों आवश्यक हों (डेबिटिक्स, रक्तचाप इत्यादि की हालत में) उन्हीं दवाइयों का सेवन समय पर करें।

#६ अधिक चाय कॉफी अर्थ धूम्रपान आदि आदतों को बदलकर कम से कम प्रयोग करें। समय के साथ आप इसे खत्म भी कर सकते हैं।

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#७ सोने के कमरे में अधिक समान न रखकर कमरा साफ़ सुथरा एवं मद्धम रोशनी वाला रखें। सोने से पहले कुछ एसेंशियल ऑयल जैसे कि लेवेंडर (अपनी पसंद के अनुसार) इत्यादि का प्रयोग कर सकते हैं।

#८ सोने से पूर्व पांच से दस मिनट तक किसी सकारात्मक विचारों वाली अथवा धार्मिक पुस्तकें अवश्य पढ़ें।

#९ सोने से पूर्व एक कप गरम दूध में हल्दी मिलाकर पिएं।

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#१० आखिरी परंतु सबसे प्रभावी उपाय है सोते समय योग निद्रा का अभ्यास करें। अभ्यास पूर्ण होने से पहले ही आपको नींद आ जायेगी। आप किसी रिकॉर्डेड कमेंट्री का प्रयोग भी कर सकते हैं।

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इसके अलावा यदि आप नींद ना आने की बीमारी का इलाज घर पर एवं स्थाई रूप से करना चाहते हैं तो उपर्युक्त बातों के साथ निम्न में से किसी एक उपाय को अपनाएं।

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#१ दिनचर्या में पंद्रह से बीस मिनट ध्यान का अभ्यास करने की आदत डालें। सुबह उठने के बाद एवं रात्रि सोने के पहले किया गया ध्यान पहले ही दिन से परिणाम देने लगेगा।

जानें: ध्यान कैसे करें

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#२ यदि आपको ध्यान करना संभव न हो तो किसी भी मंत्र का उच्चारण भी लाभकारी उपाय है। सुबह दस से पंद्रह मिनट ओम अथवा किसी अन्य मंत्रोच्चारण से भी अनिद्रा दूर करने में मदद मिलेगी।

#३ अपनी दिनचर्या में कुछ व्यायाम अथवा योगाभ्यास अवश्य शामिल करें। शरीर एवं मन के सम्पूर्ण स्वास्थ्य में योगासनों का अत्यंत महत्व है।

#४ यदि आप लंबे समय से अनिद्रा से परेशान हैं तो कुछ दिनों के लिए शरीर का मसाज करने से शरीर में जमा तनाव दूर होगा तथा मसल्स को भी आराम पहुंचेगा। इस प्रकार नींद आने में आसानी होगी।

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#५ लेवेंडर एक ऐसा एसेंशियल ऑयल है जो शरीर एवं मन दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। मसाज के लिए तथा सोने से पहले इसे कमरे में अवश्य प्रयोग करें। यह तनाव को दूर कर अनिद्रा को भी दूर करता है।

#६ सोने से पहले भृंगराज अथवा किसी अन्य तेल से सिर में मालिश करने से भी नींद आने में मदद होती है।

अनिद्रा के लिए आयुर्वेदिक दवा/ Ayurvedic Medicine For Insomnia in Hindi

यदि आप किसी आयुर्वेदिक उत्पाद का प्रयोग करना चाहें तो उसे भोजन में शामिल कर सकते हैं। अश्वगंधा, तगाव, शंखपुष्पी एवं ब्राह्मी का सेवन नींद में मदद करता है।

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इन जड़ी बूटियों का प्रयोग अपनी सुविधानुसार करें। अथवा किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लें।

For Insomnia in Hindi

अनिद्रा को भगाने के लिए शरीर में कुछ पॉइंट्स हैं जिनपर दबाव पड़ने से विशेष ग्रंथियों में ऊर्जा एवं रक्त संचार बढ़ता है तथा नींद आ जाती है।

नीचे दिए गए स्टेप्स को अपनाकर आप अनिद्रा को भगा सकते हैं।

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#१ कोई भी एसेंशियल अथवा अन्य तेल को पैरों के तलवे में लगाकर हाथों से पैर के अंगूठे पर दबाव डालें।

#२ अब पैरों के तलवे पर नीचे से ऊपर अर्थात एड़ी की तरफ से शुरू कर उंगलियों की ओर लाएं, इस प्रकार कुछ देर मसाज करें।

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#३ अब तलवों के बीच से ऊपर तक दो मिनट तक मसाज करें। अंत में तलवों के मध्य अंगूठे से गोलाकार बनाएं तथा दबाव डालते हुए मसाज करें। इससे शरीर एवं मन का तनाव दूर होता है तथा आसानी से नींद आ जाती है।

FAQS

#1 पतंजलि अनिद्रा की दवा कौन सी है?

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बाबा रामदेव के अनुसार पतंजलि सर्पगंधा एवं अश्वगंधा का प्रयोग अनिद्रा दूर करता है। इन दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें तथा सोते समय तीन से पांच ग्राम चूर्ण पानी के साथ लें।

#2 किस विटामिन की कमी से नींद नहीं आती है?

सन २०१८ में, प्रचलित स्वास्थ्य संबंधी रिसर्च करने वाले “न्यूट्रिएंट्स” में छपे एक लेख के अनुसार, शरीर में विटामिन डी की कमी भी अनिद्रा का कारण हो सकती है। अतः दिन में दस से पंद्रह मिनट प्रतिदिन धूप अवश्य लें।

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Final Words: उम्मीद है अनिद्रा से संबंधी/Insomnia in Hindi सभी। सवालों के जवाब आपको मिल ही गए होंगे। ऊपर बताएं किन्ही दो तीन सहज उपायों को अपनाकर पपुरानी अनिद्रा की समस्या को दूर किया जा सकता आइए।

यदि तब भी समस्या बनी रहे तो चिकित्सक को अवश्य दिखाएं, स्वास्थ्य है तो जीवन है।
यदि लेख लाभकारी एवं अच्छा लगता हो तो दूसरों के साथ साझा कर उनका भी मार्गदर्शन करें।

सबका मंगल हो।

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