How to do Padmasana in Hindi: पद्मासन के 10 रहस्यमई लाभ

How to do Padmasana: योगासनों एवं मुद्राओं के अभ्यास में बैठने अथवा खड़े होने की स्थिति का विशेष महत्व है। अक्सर मनुष्य इसके भाव को अथवा होने वाले लाभ से अनभिज्ञ होता है तथा बस शारीरिक अभ्यास के लिए योगासन अथवा मुद्राओं का अभ्यास कर लेता है।

क्या आपने कभी सोचा है कि प्रत्येक मुद्रा अथवा योगासन के लिए सबसे पहला चरण बैठने अच्छा खड़े होने की स्थिति पर विशेष जोर क्यों दिया जाता है? सबसे महत्वपूर्ण तथा प्रचलित आसन पद्मासन Padmasana है, जिसका अभ्यास योग आसनों, मुद्राओं तथा ध्यान के लिए किया जाता है।

अपने ८० से ९० पप्रतिशत साधकों से जब मैंने इस आसन को महत्व पूछा तो कुछ आधे अधूरे जवाब मिले। जिसे सुनने के बाद दुख भी हुआ और हमने फैसला लिया कि आज इसके पीछेछिपे रहस्य को दुनिया के सामने लाएंगे।

पद्मासन Padmasana सिर्फ बैठने की अवस्था नहीं बल्की एक विशेष और गुप्त संदेश देता है जिसे जानने के बाद आपको अपने योगाभ्यास, मुद्रा अभ्यास अथवा ध्यान अभ्यास का दोगुना लाभ मिलने लगेगा।

MysticMind के इस आर्टिकल में आज हम आपको Padmasana Yoga Information in Hindi बताएंगे। जैसे कि How to do Padmasana, पद्मासन का अर्थ, इतिहास, इसके गुप्त संदेश, अभ्यास का सही तरीका एवं इससे मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताएंगे।

तो चलिए, सबसे पहले पद्मासन की उत्पत्ति एवं इसके अर्थ को जानते हैं। उससे पहले यदि आपको योग, मुद्रा, एवं ध्यान से संबंधित कोई समस्या हो अथवा सीखना हो तो नीचे दिए नंबर पर हमसे संपर्क कर सकते हैं।

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What is Padmasana in Hindi/Padmasana Meaning in Hindi

अंग्रेजी में Lotus Pose के नाम से प्रचलित पद्मासन संस्कृत के दो शब्दों पद्म एवं आसन से मिलकर बना है। शाब्दिक अर्थ देखें तो पद्म का अर्थ कमल तथा आसन अर्थात बैठना। अतः पद्मासन का अर्थ है आसन जो कमल जैसा आकर दे।

पद्मासनPadmasana  का योग, मुद्रा तथा ध्यान में विशेष महत्व है। एक जो जगजाहिर है वह यह है कि स्वयं धन की देवी मां लक्ष्मी इसी कमल पर विराजमान होती हैं। तथा सृष्टि के रचनाकार ब्रह्मा जी के हाथों में भी कमल है। हिन्दू सभ्यता में कमल का अथवा कमल के जैसे का अत्यंत महत्व है।

पद्मासन Padmasana का एक गूढ़ अर्थ है जो योगियों में प्रचलित है, पद्मासन एक आसन मात्र नहीं बल्कि एक गहरा रहस्य है। कमल खिलता कीचड़ में है किन्तु उसके पत्तों या फूल पर कीचड़ की एक छींटा नहीं दिखता। यह रहस्यई कमल हम मनुष्यों को एक महत्वपूर्ण एवं गुप्त संदेश देता है।

जिस प्रकार कमल कीचड़ में रहकर भी कीचड़ की छींटे अपने ऊपर नहीं पड़ने देता उसी प्रकार मनुष्य को स्वयं को इतना ऊंचा उठाना चाहिए कि संसार में रहकर भी इसके मायाजाल से मुक्त रहे। इसीलिए ध्यान, मुद्राओं या आसनों का निरंतर अभ्यास मन जीवन के इस रहस्य को खोलकर वर्तमान में जीने लगता है।

पद्मासन के नियमित अभ्यास से अनेकों लाभ होते हैं। Benefits of Padmasana in Hindi/ Padmasana ke fayde in Hindi जानने के पहले Perfect Padmasana करने के लिए Padmasana Steps and How to do Padmasana को विस्तार से जानते हैं।

What are the Steps of Padmasana/ How to do Padmasana in Hindi

पद्मासन के अभ्यास के लिए शरीर का पोस्चर सही ढंग से होना अति आवश्यक है। सही तरीके से पद्मासन का अभ्यास करने के लिए निम्न steps of Padmasana पर विशेष ध्यान दें।

How to do Padmasana Images

१- How to do Padmasana पद्मासन के अभ्यास के लिए सर्वप्रथम एक स्वच्छ, हवादार वातावरण का चुनाव करें जहां ज्यादा शोरगुल ना हो। योगा मैट अथवा अन्य कोई आसन बिछाकर उसपर बैठ जाएं।

२- How to do Padmasana पल्थी मारकर अथवा दोनों पैरों को सामने की ओर बिल्कुल सीधा करके बैठ जाएं। अब दाहिने पैर को उठाकर बाईं जांघ के ऊपर इस प्रकार रखें कि एड़ी पेट को छुए एवं पैर के तलवे ऊपर की ओर खुल रहे हों।

३- How to do Padmasana अब बाएं पैर को को भी उठकर दाहिने जांघ पर ठीक उसी प्रकार रखें और ध्यान रहे कि तलवे पेट को छूते रहें।

४- How to do Padmasana अब हाथों की उंगलियों से ज्ञान, ध्यान अथवा अन्य कोई मुद्रा बनाएं। इस प्रकार पद्मासन की अवस्था में आप आ गए हैं। यदि शुरु में दोनों जांघों को एक दूसरे पर आसानी से न रख पाएं तो ज़ोर जबरदस्ती न करें। समय के साथ आसानी से होने लगेगा।

५- How to do Padmasana हाथों से मुद्रा बनाने के बाद कमर, पीठ एवं गर्दन को पूरा सीधा रखें। सात से आठ लंबी गहरी सांस लें तथा भीतर रोक रखें। कुछ देर बार बाहर छोड़ दें।

६- How to do Padmasana पद्मासन में स्वयं को आरादायक स्थिति में लाने के बाद आप। ओम का उच्चारण कर सकते हैं। कम से कम पंद्रह से बीस बार ओम का उच्चारण करें। आप ध्यानवस्था में आसानी से चले जाएंगे।

७- How to do Padmasana जितनी देर तक पद्मासन Padmasana अवस्था में रहना है, रहें फिर हाथों को सामान्य कर बाएं पैर को हाथ से उठाकर ज़मीन पर रख दें। ठीक उसी प्रकार दाहिने पैर को भी ज़मीन पर रखें। इस प्रकार आपका पद्मासन का एक चक्र पूरा हुआ।

How to do Padmasana for Beginers

१- पद्मासन के अभ्यास के लिए शरीर में लचीलापन तथा सहनशक्ति अत्यंत आवश्यक है। इसलिए पद्मासन अभ्यास के पहले अन्य योग आसनों का अभ्यास अवश्य करें।

२- शुरू में यदि दोनों पैर जांघों पर रखने में असुविधा अथवा दर्द हो तो अर्धासन से शुरू करें। अर्थात। एक हीपैर को जांघ के ऊपर रखें। थोड़ी देर बाद पैरों को बदलते रहें। इस प्रकार कुछ दिनों के अभ्यास के बाद आप पद्मासन Padmasana आसानी से कर पाएंगे।

Padmasana Yoga in Benefits/ Benefits of Padmasana in Hindi

अब आपने How to do Padmasana के बारे में तथा पद्मासन के अति गूढ़ रहस्य को जान लिया है। Lotus Position अर्थात Padmasan में बैठने के अन्य कई लाभ हैं। आइए इन Padmasana benefits को विस्तार से देखते हैं।

Yoga Benefit by MysticMind

१- पद्मासन के अभ्यास से पैरों में लचीलापन बढ़ने लगता है तथा घुटने में ऊर्जा के पॉइंट्स खुलने की वजह से ऊर्जा एवं रक्त संचार बढ़ जाता है।

२- नियमित रूप से पद्मासन Padmasana का अभ्यास करने वालों के जकड़े हुए कूल्हे भी खुलने लगते हैं जिसकी वजह से लचीलापन बढ़ने के साथ मोच आने की समस्या से भी मुक्ति मिल जाती है।

३- सबसे अधिक ऊर्जा का प्रवाह पैरों की एड़ियों तथा हाथों की हथेलियों से होता है। पद्मासन Padmasana में दोनों ही ऊर्जा का प्रवाह बढ़कर शरीर का और स्वच्छ करने के साथ इसे शक्तिशाली बनाने में मदद करता है। जो किसी भी प्रकार की बाहरी ऊर्जा से सुरक्षित रखने में मदद करता है।

४- रीढ़ की हड्डी, दर्द सीधी होने के साथ खड़े होने बैठने की आदत में सुधार होता है जो व्यक्तित्व विकास का सर्वप्रथम सीधी होती है।

५- पद्मासन Padmasana के अभ्यास से पेट, मूत्राशय, गर्भाशय एवं श्रोणी अंगों पर प्रभाव पड़ने के कारण ऊर्जा संचार बढ़ जाता है। रक्त संचार बढ़ने से ये अंग अधिक स्वस्थ बनते जाते हैं।

६- जोड़ों के दर्द, साइटिका अथवास्त्रियों में मासिक धर्मसंबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। सम्पूर्ण शरीर समय के साथ अधिक स्वस्थ होने लगता है।

७- गर्भावस्था के दौरान पद्मासन Padmasana का अभ्यास। प्रसव पीड़ा से मुक्ति दिलाने में मदद करता है तथा प्रसव प्रक्रिया को आसान बना देता है।

८- शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग, पाचन तंत्र को संतुलित कर, डायबिटिक, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप एवं अन्य किसी भी बीमारी से मुक्ति दिलाता है।

९- मन को शांत कर विचारों की गति को धीमा करता है तथा मस्तिष्क में रक्त संचार को सुचारू कर किसी भी खतरे से बचाता है। कार्य क्षमता को बढ़ाकर सदैव प्रसन्नचित रहने में मदद करता है।

१०- हाथों, पैरों तथा मेरुदंड के सही अवस्था में अधिक देर तथा मुद्रा अभ्यास करने से कुण्डलिनी शक्ति जागृत होने लगती है तथा आपको इसका सम्पूर्ण लाभ मिलता है। इन लाभों को विस्तार से जानने के लिए नीचे दिए लिंक पर जाएं।

कुण्डलिनी शक्ति जागरण के लाभ

पद्मासन से पहले किए जाने वाले आसन

जैसा कि मैं हमेशा कहती हूं कि यदि सही आसनों के साथ क्रमबद्ध तरीके से पद्मासन Padmasana का अभ्यास किया जाए तो लाभ अति शीघ्र एवं प्रभावी मिलता है। पद्मासन से पहले यदि आप ऊर्ध्व पद्मासन, पिंडासन , मत्स्य आसन, उत्तान पदासन, शीर्षासन, बालासन एवं बद्ध पद्मासन का अभ्यास करें तो पद्मासन के लाभ दोगुने हो जाएंगे।

Padmasana पद्मासन के बाद किए जाने वाले आसन

पद्मासन Padmasana अभ्यास के बाद तुलासन तथा अंत में शवासन का अभ्यास अवश्य करें। इससे शरीर अथवा मन में कहीं भी किसी भी प्रकार का तनाव अथवा खिंचाव से मुक्ति मिलती है तथा शारीरिक दर्द भी कम हो जाता है।

Who Should Not Do Padmasana/ Precautions of Padmasan/  सावधानियां

किसी भी आसन को करते समय कुछ विशेष बातों पर अवश्य ध्यान दें। पद्मासन के अभ्यास से पहलेनिम्न बातों को सुनिश्चित कर लें।

१- अत्यधिक घुटने में दर्द अथवा अर्थराइटिस की अवस्था में चिकित्सक अथवा योग शिक्षक की सलाह लें। स्वयं इस आसन का अभ्यास न करें।

२- टखनों अथवा एड़ियों में किसी भी प्रकार की चोट अथवा हड्डियों में कोई गंभीर समस्या हो तो पद्मासन का अभ्यास ना करें।

३- शुरुआती दिनों में योग्य शिक्षक की देख रख में तथा जितना संभव हो सके उतनी ही देर पद्मासन काअभ्यास करें। स्वयं के शरीर के साथ किसी भी प्रकार की जबरदस्ती ना करें।

४- किसी अन्य गंभीर बीमारी की हालात में चिकित्सक की सलाह के बिना पद्मासन का अभ्यास बिल्कुल ना करें।

FAQS:

१- How long one can sit in Padmasana?

आप चाहे मुद्रा अथवा ध्यान का अभ्यास करने के इच्छुक हैं, यदि आप पद्मासन में बैठकर अभ्यास करना चाहते हैं तो कम से काम २० मिनट इस आसन में बैठने का अभ्यास करें।

२- Why is Padmasana Difficult?

जैसा कि अपने ऊपर पढ़ा होगा इस आसन का विशेष महत्व होने के साथ इसके लाभ अद्भुत हैं। तो सबसे पहले कोई भी विशेष प्राप्ति आसानी से नहीं होती और दूसरी बात इस आसन के अभ्यास में दोनों पैरों को लॉक अर्थ बंद कर देना होता है। जिसका अभ्यास आम मनुष्य नहीं करता है इसलिए शुरुआती दिनों में मुश्किल होती है।

Final Words: उम्मीद है How to do Padmasana पद्मासन के कई रहस्यमई लाभों को जानने के बाद आपकी दिनचर्या में इसे अवश्य शामिल करेंगे। कुछ देर पद्मासन में बैठना सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि अनेकों अज्ञात मानसिक लाभ देता है। इसलिए इसका लाभ अवश्य लें।

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भवतु सबै मंगलम!

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