Gas Ke Liye Yoga। पेट की गैस के लिए 6 आसन एवं घरेलू उपाय

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पेट में गैस बनना आजकल आम बात हो गई है किंतु यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। कम समय तथा प्राकृतिक रूप Gas ke liye yoga / पेट साफ करने के लिए योग के साथ कुछ अन्य प्राकृतिक उपाय हैं जो रामबाण जैसा काम करते हैं।

फिशर से के लिए योग के साथ कुछ घरेलू उपायों के बारे में अवश्य पढें।

Mystic Mind के इस आर्टिकल में हम आपको पेट की गैस को जड़ से खत्म करने का उपाय साझा करेंगे। जिसके कुछ दिनों के अभ्यास से आपको लाभ मिलने लगेगा।

चाहे आप स्वास्थ्य के प्रति सजग व्यक्ति हैं या गैस की समस्या से परेशान हैं, Gas ke liye yoga से पहले इसके सम्पूर्ण लक्षणों को समझना अत्यंत आवश्यक है। लक्षण के आधार पर इसकी गंभीरता को समझकर आप योग के साथ कुछ घरेलू उपाय कर इससे मुक्ति पा सकते हैं।

Pet me gas banne ke lakshan

पेट में गैस बनने का सबसे मुख्य लक्षण है कि पेट में दर्द होता है। इसके अलावा कुछ शारीरिक बदलाव इस बात का संकेत देते हैं कि आप एसिडिटी से ग्रसित हैं।

#१ भूख तो लगती है किंतु पेट भरा हुआ प्रतीत होता है।

#२ सुबह मल त्याग ठीक से नहीं होता, यदि होता भी है तो आपको पूर्ण रूप से पेट साफ नही लगता।

#३ सिर का दर्द अक्सर पेट की गैस से जुड़ा होता है।

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#४ पेट में गैस के कारण काम करने की क्षमता प्रभावित होती है तथा आपको आलस सा लगता है।

#५ अधिक एसिडिटी के कारण सीने में दर्द की समस्या भी होती है।

#६ सरदर्द के साथ उल्टी होना अथवा मिचली होना भी एसिडिटी का लक्षण है।

#७ पेट से आवाज का आना

#८ दुर्गंध हवा का निकलना भी गैस का ही लक्षण है।

Gas ke liye Yoga जानने से पहले यह जान लेना अत्यंत आवश्यक है कि पेट में गैस बनते क्यों हैं? कारण जान लेने के बाद निवारण आसन हो जाता है।

आइए जानते हैं कि पेट में गैस क्यों बनती है?

पेट में गैस बनने के कारण

जैसा कि आपको ज्ञात है पेट मनुष्य के शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है, जिसका साफ़ रहना हमारे सम्पूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। पेट के सभी रोग मनुष्य की नकारात्मक सोच, गलत खान पान एवं व्यायाम की कमी के कारण होते हैं।

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हमारे प्रत्येक विचार से मस्तिष्क से रसीला तत्व निकलता है जो सम्पूर्ण शरीर में फैलता है। विचार अच्छे हैं, तो स्वास्थ्य अच्छा होता है, विचार अच्छे नहीं हैं तो ये मन के साथ स्वास्थ्य भी खराब करते हैं। पेट के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ने से पेट में गैस बनना शुरू हो जाता है।

भोजन से ही हमें काम करने की क्षमता मिलती है। आजकल कुछ भी प्राकृतिक एवं शुद्ध मिलना मुश्किल होता जा रहा है। ऊपर से जंक फूड ने लोगों को अत्यधिक आकर्षित किया है जिसमें कोई भी पोषक तत्व नहीं होता।

पोशक तत्वों की कमी और हानिकारक तत्वों की अधिकता के कारण पाचन तंत्र खराब होने लगा है। ऐसे में पेट में गैस का बनना या कब्ज होना आम बात हो जाती है।

भाग दौड़ और तनाव से भरे वातावरण में व्यायाम, योगाभ्यास एवं ध्यान मुद्राओं का अभ्यास अत्यंत आवश्यक है। जबकि मनुष्य इसके लिए समय ही नहीं निकाल पाता है। ऐसे में अपच और पित्त की समस्या बढ़ती है तथा पेट में गैस बनना आरंभ हो जाता है।

इसके अलावा पेट में गैस बनने के कुछ अन्य कारण-

#१ ज़रूरत से ज्यादा भोजन करना

#२ ज़रूरत से कम भोजन करने के कारण पेट में बैक्टीरिया का अधिक होना

#३ बिना चबाए भोजन को निगलना

#४ शराब अथवा अन्य बाजारू शीतल पेयों का अधिक सेवन करना

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#५ सुबह का नाश्ता देर से करना अथवा नहीं करना

#६ अत्यधिक मिठाइयों का सेवन करना

#७ रात का बचा भोजन सुबह अथवा सुबह का भोजन शाम में खाना

#८ शरीर में प्रोटीन अथवा विटामिन बी की कमी का होना

#९ हरी सब्जियों एवं सादे भोजन के बजाय अधिक तला भुना खाना

#१० कुछ लोगों को विशेष अवस्थाओं में कुछ चीजों से गैस बनती है जैसे कि दूध, सेब, तरबूज, खट्टी चीजें, प्याज़ एवं लहसुन इत्यादि।

उपर्युक्त सभी कारणों से पेट में गैस बनना शुरू होती है और यदि सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया तो भविष्य में भयंकर कब्ज़ का कारण बन सकता है।

Gas dur karne ke liye yoga/ एसिडिटी के लिए योगासन

योगासनों का नियमित अभ्यास शारीरिक एवं मानसिक दोनों समस्याओं को दूर कर पेट में बनने वाली गैस की समस्या से मुक्ति देता है। जानते हैं कि Gas ke liye yoga/ पेट की गैस दूर करने के लिए कौन सा आसन उपयोगी है?

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नीचे दिए गए आसनों का अभ्यास पेट में गैस बनने की समस्या को जड़ से समाप्त कर सकता है। शर्त बस इतनी से ही कि दिन में कम से कम ३०से ४५ मिनट इनका अभ्यास करें।

#१ Gas ke liye yoga- पवन मुक्तासन

जैसा कि नाम से जाहिर है यह आसन शरीर में बन रहे वायु को बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही वायु बनने के करण को भी दूर करता है।

#२ वज्रासन

भोजन का पूर्ण रूप से पच जाना स्वस्थ पेट की निशानी है। यदि भोजन पच नहीं रहा है तो इसका समय पर इलाज आवश्यक है।

भोजन को पचाने में सबसे प्रभावी आसन है वज्रासन है। अभ्यास में सरल किन्तु अत्यंत लाभकारी आसन है। खाने के बाद कुछ मिनटों का वज्रासन का अभ्यास पेट में गैस की समस्या से छुटकारा दिला सकता है।

जानें: वज्रासन कैसे करें

#३ Gas ke liye yoga- पश्चिमोत्तासन

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इस आसन के अभ्यास में सामने की और झुकने के कारण पेट पर दबाव बनता है। सम्पूर्ण शरीर के साथ पेट के व्यायाम होना आवश्यक होता है।

जानें: कैसे करें पश्चिमोत्तासन

#४ बालासन

Gas ke liye yoga/ पेट की गैस से तुरंत राहत देने में बालासन का अभ्यास अत्यंत लाभकारी है। जिस प्रकार छोटे बच्चे इस आसन में आराम से सो जाते हैं, वैसा ही आराम यह आसन वयस्कों को भी देता है।

अभ्यास में अत्यंत सरल यह आसन पेट के गैस के साथ मानसिक तनाव भी कम करता है।

जानें: बालासन कैसे करें

#५ Gas ke liye yoga- मंडूकासन

मदुकासन के अभ्यास के दौरान शरीर की अवस्था मेंढक की भांति बन जाती है। पेट पर बाल बनने के कारण पाचन प्रक्रिया सुधारने लगती है।

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फलस्वरूप पेट संबंधी सभी बीमारियां जैसे कि एसिडिटी, कब्ज तथा गैस की समस्या दूर हो जाती है।

जानें: मंडूकासन कैसे करें

#६ वक्रासन

Pet ke rog ke liye yoga आसनों में वक्रासन अत्यंत उपयोगी आसन है।

वक्रासन के अभ्यास से पेट के साथ रीढ़ की हड्डियों पर भी प्रभाव पड़ता है। फलस्वरूप मणिपुर एवं स्वदिष्ठान चक्र संतुलित होने लगते हैं।

इन दोनों चक्रों के संतुलित होने से शरीर पेट का स्वास्थ्य सुधारने लगता है। रक्त संचार बढ़ता है तथा पाचन प्रक्रिया संतुलित होने लगती है।

जानें: वक्रासन कैसे करें

Pet ki gas ke liye gharelu upay/ गैस के लिए घरेलू उपचार

Gas ke liye yoga/ योगासनों के अभ्यास के साथ/  कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर पेट के रोगों से अथवा गैस बनने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

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यदि आप भी यही सोच रहे हैं कि पेट की गैस को जड़ से कैसे खत्म करें? निम्न में से किसी एक उपाय को नियमित करना शुरू करें।

#1 पेट में गैस होने, मरोड़कर दर्द होने पर एक चम्मच अजवाइन और नमक को एक गिलास पानी में मिलाकर उबाल लें और फिर ठंडा कर (हल्का गरम) होने पर पिएं। (बच्चों के लिए कम अजवाइन का प्रयोग करें)

#२ अजवाइन, जीरा, और छोटी हरड़ को पहले भून लें फिर आवश्यकानुसार काला नमक मिलाकर पीस लें। पेट में गैस अथवा बदहजमी होने पर दो से छः ग्राम खाने के तुरंत बाद लें। बाद में हल्का गुनगुना पानी पिएं। बच्चों के लिए कम मात्रा का उपयोग करें।

#३ भूख ना लगने, बदहजमी होने अथवा पेट में गैस की समस्या से परेशानी की अवस्था में अदरक के छोटे छोटे टुकड़े काट लें। दिन में तीन से चार बार उन टुकड़ों पर काला नमक छिड़क कर उसका सेवन करें। कम समय में पेट की गैस से छुटकारा पाने यह का सबसेप्रभावी उपाय है।

#४ काली मिर्च पावडर, अदरक पाउडर और इलायची पाउडर को बराबर मात्रा में मिल लें। भोजन के एक घंटे बाद आधा कप पानी में एक चम्मच मिलाकर पिएं।

#५ खाने के बाद आधा चम्मच अदरक पाउडर, चुटकी भर हींग और आवश्यकतानुसार नमक एक चम्मच पानी में मिलाकर पीने से भी पेट की गैस से मुक्ति मिलती है।

#६ कच्चे अदरक के छोटे टुकड़े कर नीबू के रस में भीगा दें। भोजन के बाद अदरक के टुकड़ों को चूसने से भोजन आसानी से पच जाता है तथा पेट की गैस से छुटकारा मिलता है।

#७ चने के सत्तू को पानी में घोलकर नियमित पीने से पेट में गैस का बनना बंद हो जाता है।

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#८ पेट की गैस अथवा कच्ची डकार की समस्या से मुक्ति पाने के लिए प्रतिदिन भोजन के बाद एक लौंग चूसें।

#९ नियमित सुबह नारियल पानी का सेवन करने से पेट संबंधी सभी समस्याएं दूर होने लगती हैं।

#१० सुबह खाली पेट एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर जिसे सेब का सिरका भी कहा जाता है, सेवन करने से पेट में गैस का बनना बाद हो जाता है।

नोट: किसी एक उपाय एवम Gas ke liye yoga को नियमित करने से आराम मिलने लगेगा। यदि कुछ दिनों के बाद आराम न मिले तो चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। जैसा कि ऊपर लिखा है, पेट की समस्याएं समय पर इलाज न करने पर कई बीमारियों उत्पन्न कर सकती हैं।

Pet ki gas ke liye mudra

पेट में गैस बनना अर्थात अग्नि तत्व का असंतुलन होना। Gas ke liye yoga तथा हस्त मुद्राएं सदियों से शारीरिक रोगों का उपचार बनने में सहायक रही हैं। एसिडिटी अथवा पेट में गैस की समस्या से मुक्ति पाने में सहायक मुद्रा का नाम जल शामक मुद्रा है।

जल शामक मुद्रा जल और अग्नि तत्व को मिलाकर एक दूसरे का शरीर में संतुलन करती है जिससे पेट के गैस बनने अथवा एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है।

जल शामक मुद्रा कैसे करें

आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं (यदि बैठ सकते हैं तो वज्रासन में बैठें) तथा सबसे छोटी अर्थात कनिष्ठा उंगली के पोर को अंगूठे के पोर से मिलाकर हल्का दबाएं।

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दोनों हाथों की उंगलियों से यह मुद्रा बनाएं तथा ध्यान की अवस्था में बैठ जाएं। कम से कम तीन से पांच मिनट इसी अवस्था में बैठे रहें तथा ध्यान को पेट में हो रहे बदलाव को महसूस करें।

आप इस मुद्रा का अभ्यास दिन में कई बार भी कर सकते हैं।

एसिडिटी के लिए प्राणायाम। Acidity ke liye pranayam

एसिडिटी अथवा पेट में गैस की समस्या से ग्रसित लोगों के लिए कपालभाति एवं बाह्य प्राणायाम अत्यंत लाभकारी हैं।

Pet saf karne ke liye exercise

पेट साफ करने में सबसे सहायक आसन अथवा व्यायाम बद्ध कोणासन है। इसके अभ्यास से पेट पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है तथा पाचन तंत्र कम समय में स्वस्थ होने लगता है।

Pregnecy me gas ke liye yoga

प्रेगनेंसी के दौरान गैस की समस्या आम बात है जिससे बचने के लिए ताजे हरी सब्जियों एवं फलों का सेवन करें। नियमित टहलें तथा साथ ही परिवर्तित वज्रासन का अभ्यास कर सकती हैं।

नोट: गर्भावस्था के दौरान किसी भी Gas ke liye yoga/ योगासन का अभ्यास चिकित्सक की सलाह एवं योग्य शिक्षक की निगरानी में ही करें।

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FAQS

1- सिर में गैस चढ़ने पर क्या करें?

सिर में गैस चढ़ना अर्थात पेट की गैस की वजह से सिर का भरी होना अथवा सिरदर्द होना। ऐसे में हल्के गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पिएं।

थोड़ी देर वज्रासन में बैठकर अनुलोम विलोम अथवा जल शामक मुद्रा का अभ्यास करें।

2- कब्ज़ और गैस में क्या अंतर है?

गैस की समस्या का अर्थ है कि भोजन ठीक से पच नहीं रहा है। जबकि कब्ज़ अर्थात शौच का ठीक से न होना। यदि गैस की समस्या का सही समय पर उपचार नहीं किया गया तो भविष्य में यह भी कब्ज का रूप धारण कर सकती है।

3- गैस का दर्द कहां कहां होता है?

गैस अर्थात वायु, और वायु एक स्थान पर स्थिर नहीं होती है। इसीलिए कभी कभी गैस सिर में चढ़ जाती है। गैस की समस्या होने पर पेट के साथ शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द हो सकता है।

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4- क्या चावल खाने से गैस बनती है?

दो व्यक्ति के शरीर की प्रवृत्ति एक जैसी नहीं होती। किसी को खट्टे से एसिडिटी हो जाती है तो किसी के लिए एसिडिटी होने पर नीबू के सेवन से लाभ मिलता है।

सिर्फ़ चावल के सेवन से नहीं बल्कि आप चावल के साथ क्या खाते हैं उससे गैस बन सकती है। उदाहरण के लिए कुछ लोगों को अरहर की दाल, राजमे से गैस बनती है।

अपने शरीर की प्रवृत्ति को समझें तथा जिन चीजों से गैस बनती हो उसका सेवन बंद करे दें।

5- खाली पेट में गैस बनती है क्या?

शरीर की पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने के लिए पेट में कुछ तत्व होते हैं जो मदद करते हैं। इन तत्वों को भोजन हमारे भोजन से ही मिलता है।

जब हम लंबे समय तक भूखे रहते हैं तो समय पर इन तत्वों को भोजन न मिलने से ये अपना काम नहीं कर पाते तथा पेट में गैस बनने लगती है।

खासकर सुबह का नाश्ता समय पर होना अति आवश्यक है। नाश्ता दिन का पहला भोजन होता है, इसे समय पर करें।

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Final words: पेट में गैस बनना प्रथम चरण है जिसका समय पर उपचार आवश्यक है। Gas ke liye yoga का नियमित अभ्यास कर अपने पेट के स्वास्थ्य का खयाल रखें।

सबका भला हो

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