Daridra Yoga in Hindi: कारण तथा 14 Easy घरेलू कारगर उपाय

Daridra Yoga in Hindi: क्या आपको लगता है कि आप दूसरों से अधिक मेहनत करते हैं, किन्तु धन के मामले में उनसे पीछे हैं? आपके मन में इस बात का विश्वास है कि जीतना सुखी जीवन के लिए आप काम करते हैं उतना नहीं मिल रहा है?

सब कुछ होते हुए भी परिवार में आपसी मतभेद और कलह- क्लेश की वजह से सुख शांति नहीं? अच्छी डिग्री और ज्ञान होने के बावजूद भी नौकरी नहीं मिल रही है या प्रमोशन नहीं हो रहा है तो यह पोस्ट आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है।

यदि इनमें से किसी एक भी सवाल जवाब हां में है, तो आज आपको आपके सवालों के जवाब मिलेंगे। सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं बल्कि इन परेशानियों को दूर करने का उपाय भी मिलेगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अक्सर देखा गया है कि इन सब परेशानियों का कारण कुंडली में दरिद्र योग का होना होता है। यहां आपको एक बात बता दूं कि कुंडली में यह योग है इसका अर्थ नहीं कि आपका जीवन ऐसा ही रहेगा। इसके प्रभाव को कम कर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।

इससे पहले कि हम निवारण के बारे में बात करें, देखते हैं कि दरिद्र योग Daridra Yoga क्या होता है?

What is Daridra Yoga in Kundali कुंडली में दरिद्र योग क्या है?

“दरिद्र” उम्मीद है इस शब्द के बारे में आपको पता होगा। हम हमेशा प्रार्थना करते हैं कि ईश्वर किसी के जीवन में यह योग ना दे। इसका शाब्दिक अर्थ ही है कंगाली या गरीबी की अतिशयोक्ति के साथ बुरी आदतों का होना।

योग का अर्थ है जोड़ना, मनुष्य के कर्मों का हिसाब ग्रहों के साथ जुड़ा होता है। इन्हीं कर्मों के प्रभाव में उसका जन्म किसी विशेष समय, दिन या ग्रह नक्षत्रों के जोड़ के समय में होता है। उदाहरण के लिए किसी का जन्म सूर्य ग्रहण या चन्द्र ग्रहण के समय होता है तो किसी का ब्रह्ममुहर्त में। यह सब उनके पिछले कर्मों के हिसाब- किताब के प्रभाव से होता है।

अब देखते हैं कि What is daridra yoga?

दरिद्र योग की स्थिति तब होती है जब कुंडली में दूसरे अथवा ग्यारहवें घर का स्वामी छठें, आठवें या बारहवें घर में होता है। दूसरा घर सुख समृद्धि, धन तथा व्यक्तिगत आय से संबंधित है। तथा ग्यारहवें घर का संबंध धन लाभ, पारिवारिक संबंध तथा सांसारिक आकांक्षाओं की पूर्ति हेतु होता है।

जबकि छठा, आठवां तथा बारहवां घर त्रिक घर माना जाता है, इनकी स्थिति कमज़ोर होती है। जब दूसरे अथवा ग्यारहवें घर का स्वामी इन ग्रहों में होता है तो यह अशुभ योग माना जाता है। दूसरे शब्दों में इस दरिद्र योग Daridra Yoga कहा जाता है।

How Daridra Yog Forms कैसे बनता है दरिद्र योग?

जन्म के समय ग्रहों की दशाओं के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में लाभ तथा हानि वाले योग बनते हैं। दरिद्र योग निम्न परिस्थितियों में बनता है।

१- यदि शुभग्रह बीच में तथा नीच ग्रह धनभाव में हों तो दरिद्र योग Daridra Yoga  बनता है।

२- यदि सूर्य, मंगल, शनि, राहु तथा केतु ग्रह चंद्रमा से चौथे स्थान पर हों तो व्यक्ति निर्धनता का सामना करता है।

३- यदि गुरु छठें तथा बारहवें भाव में हो किन्तु स्वराशि में ना हो तो भी व्यक्ति धन के अभाव में रहता है।

४- जिन कन्याओं की कुंडली में सूर्य तथा चन्द्रमा दोनों कुंभ राशि में हों, किन्तु दूसरे ग्रह कमज़ोर हैं उन्हें विवाह के बाद धन अभाव बना रहता है।

५- जिसकी कुंडली में अष्टमेश से ज्यादा बलवान नवमेश होता है उन्हें धन कमाने में रुचि नहीं होती। परिणास्वरूप निर्धनता का सामना करना पड़ता है। यदि जन्म पत्रिका में गुरु से नीच ग्रह दूसरे, चौथे तथा पांचवे भाव में हो तो धन सम्बन्धी समस्याएं बनी रहती हैं।

Effects of Daridra Yoga दरिद्र योग का प्रभाव

कभी कभी मनुष्य का व्यवहार अथवा स्थिति भी उसकी कुंडली में दरिद्र योग Daridra Yoga  के होने का परिचय देता है। कैसे पहचाने कि अमुक व्यक्ति दरिद्र योग से पीड़ित है। नीचे कुछ लक्षणों के आधार पर जानकर आसानी से इसका निवारण किया जा सकता है।

Daridra Yoga in Hindi Images

१- गरीबी की अवस्था में चोरी, डकैती या किसी को धोखा देना दरिद्र योग Daridra Yoga की निशानी है।

२- अवैध या अनितिक तरह से कमाया हुआ धन में दरिद्र योग का ही परिणाम है।

३- दरिद्र योग Daridra Yoga में जन्म लेने वाले लोग शंकालु किस्म के होते हैं। पर स्त्री अथवा परपुरुष पर बुरी नज़र रखने वाले तथा गलत तरीके से धन कमाते हैं।

४- निर्धन होने के बावजूद भी व्यसनी होते हैं। दूसरों की सफलता से जलना उनका व्यवहार बन जाता है।

५- बेकार के कामों तथा बातों में समय बिताना उनकी आदत होती है। दूसरों के साथ बुरा होते देखकर ऐसे लोगों को खुशी मिलती है।

६- कुछ लोग मेहनत करते हैं किन्तु इन बुरी आदतों की वजह से आगे नहीं बढ़ पाते। दूसरी तरफ कुछ लोग बिना मेहनत के सब कुछ पाने की लालसा रखते हैं।

७- ऐसे लोग स्वार्थी होते हैं, उन्हें दूसरों की कोई चिंता नहीं होती। उन्हें अपने जीवन का आकलन करना नहीं आता। सही गलत की पहचान नहीं कर पाते हैं।

८- जहां भी पैसों का व्यवहार करते हैं, वहां नुकसान ही होता है। बिज़नेस में घाटा होता रहता है।

९- अक्सर स्वयं या करीबी लोगों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में काफ़ी सारा धन चला जाता है। जिसका प्रभाव पूर्ण जीवन पर पड़ता है।

१०- जब भी लगता कि समय बदलने वाला है कोई समस्या आ जाती है और बचा खुचा धन भी उसमें चला जाता है।

इस प्रकार Daridra Yoga दरिद्र योग मनुष्य को जीवन में ऊपर उठने नहीं देता है। किन्तु थोड़ी सी प्रबल इच्छा एवं कुछ साधारण उपाय करके इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है।

How to Overcome Daridra Yoga

यदि आपके या आपके किसी करीबी व्यक्ति के जीवन में दरिद्र योग का प्रभाव है तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जीवन में हर समस्या का उपाय भी होता है। आप किसी ज्योतिषी से उपाय के लिए सलाह कर सकते हैं।

नीचे कुछ सरल तथा सहज उपाय हैं जिनके प्रयोग और अभ्यास से मेरे साधकों के जीवन में चमत्कारिक बदलाव हुए हैं। आप भी आजमा कर ज़रूर देखें।

चलिए देखते हैं कि How to Remove Daridra Yoga?

१- दरिद्र योग के प्रभाव को कम करने के लिए धन की देवी मां लक्ष्मी तथा देव कुबेर की पूजा अर्चना करें। घर में हवन भी करा सकते हैं।

२- व्यवसाय में हानि हो रही हो या पैसे पास में रुक नहीं रहे हों तो पैसे रखने के स्थान पर कुबेर यंत्र स्थापित करें।

Kuber Yantra for Daridra Yoga

३- दरिद्र योग के प्रभाव को कम या खत्म करने के लिए प्रत्येक रविवार तथा गुरुवार को अन्न दान करना फलदाई होता है।

४- Daridra Yoga Remedies  संध्या काल घर में धूप दीप कर भगवान की आरती करें तथा दीप जलाएं।

५- श्रीयंत्र में मोती जड़वाकर पेंडेंट के रूप में गले में पहनने से भी दरिद्र योग का प्रभाव कम हो जाता है।

६- प्रत्येक मास की पूर्णिमा को मंदिर में या किसी गरीब को दान देने से भी कुंडली में दरिद्र योग का प्रभाव कम होने लगता है।

७- प्रत्येक एकादशी को उपवास रखें तथा दूसरे दिन चावल का गुप्त अन्नदान करें। इससे ना सिर्फ धन की देवी लक्ष्मी बल्कि विष्णु भी प्रसन्न होते हैं।

८- Daridra Yoga Remedies  दरिद्र योग के प्रभाव को कम करने के लिए शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना के साथ दही तथा मखाना का दान करना चाहिए।

Mata Lakshmi And Daridra Yoga

९- Daridra Yoga Remedies भगवान शिव की पूजा तथा महामृत्यंजय मंत्र के १०८ बार के प्रतिदिन जाप से भी। दरिद्र योग का प्रभाव कम होने लगता है।

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१०- यदि घर का कोई व्यक्ति दरिद्र योग से पीड़ित है तो उसके लिए बुरा ना सोचें और ना ही बोलें। बुरा सोचने या बोलने से उसका प्रभाव बढ़ जाता है।

११- अपने जन्म तिथि वाले दिन नाखून या बाल ना काटें। उदाहरस्वरूप यदि आपकी जन्मतिथि एकादशी, पूर्णिमा या अमावस्या को है तो उस दिन यह काम ना करें।

१२- Daridra Yoga Remedies अपने जन्म तारीख पर भी नाखून या बाल ना करवाएं। उदाहरस्वरूप यदि आपका जन्म ५ तारीख को हुआ है तो कभी भी किसी भी ५ तारीख को बाल या नाखून ना कटवाएं।

१३- ध्यान रखें कि आपके घर में जो भी स्त्री हैं, वह लक्ष्मी स्वरूप हैं। चाहे आपकी मां, बहन या पत्नी हों, उन्हें उचित मान सम्मान दें।

१४- बिना पैरों में चप्पल के बाथरूम में ना जाएं, नहाते समय भी पैरों में चप्पल पहनें। इस प्रकार वहां की नकारात्मक बाहर नहीं आएगी।

१५-Daridra Yoga Remedies बाथरूम का दरवाज़ा हमेशा बंद रखें। घर का यही एक कोना है जहां सबसे ज्यादा नकारातमकता होती है। इसलिए इसके दरवाज़े को बिना वजह खुला ना रखें।

१६- सूर्यास्त के समय या संध्या काल में सोए नहीं तथा सूर्योदय से पहले उठकर ध्यान का अभ्यास करें। अथवा अपने इष्ट देव/ देवी की पूजा अर्चना करें।

Note: आवश्यक नहीं है कि आप ये सारे प्रयोग करें। पूजा संबंधी जो आपको सरल लगे उसे अपनाएं तथा नियमित २१ दिन करके लाभ देखें। १० से लेकर १६ तक की बातों को अवश्य Compulsory अवश्य दिनचर्या में लाएं।

मेरा अनुभव: कुछ सालों पहले तक मुझे ज्योतिष शास्त्र में कुछ खास रुचि नहीं थी। मुझे लगता था सब कुछ डराने वाली बातें हैं। समय बीतने के साथ जीवन में उतार चढ़ाव आने शुरू हो गए और सौभाग्यवश मेरा रुझान ध्यान की तरफ़ बढ़ गया।

कई सालों के निरंतर ध्यान योग तथा अन्य साधनाओं के बाद अनुभव हुआ कि इन ग्रहों का जीवन पर विशेष प्रभाव है। फिर मैंने कुछ योग experiments किए और उन अनुभवों के आधार पर कह सकती हूं कि थोड़ी सी दिनचर्या में परिवर्तन तथा कुछ बातों को ध्यान में रखकर जीवन परिवर्तन किया जा सकता है।

Meditation for Daridra Yog दरिद्र योग से मुक्ति के लिए ध्यान योग

आरामदायक स्थिति में आंखें बंद करके बैठ जाएं। लंबी गहरी सांस लें तथा कुछ देर रोके रखें। फिर सांसों को बाहर छोड़ दें। १०-१५ बार सांसों की इन प्रक्रिया को दोहराएं। फिर आंखों के सामने भगवान विष्णु तथा लक्ष्मी जी की कल्पना करें। आपके मन में जो भी विचार उस वक्त आए उसे उनके सामने रखें। अपनी पूर्व तथा अनजाने में हुई गलतियों के लिए माफ़ी मांगे। अच्छे दिन, सुख, स्वास्थ्य तथा धन की मांग करें।

Meditation for Daridra Yoga in Hindi

कम से कम १०- १५ मिनट इस ध्यान को करें। सुबह सूर्योदय से पहले का समय तथा शाम सूर्यास्त के तुरंत बाद का समय इस ध्यान के लिए अति उत्तम है। कम से कम २१ दिन इस योग का प्रयोग करके देखें। आपके जीवन में परिवर्तन हो तो कॉमेंट करके ज़रूर बताएं।

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Final Words: यदि आप गौर करेंगे तो पाएंगे कि ये उपाय छोटी छोटी आदतें हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि ये अच्छी आदतें है, जिनके रोज़ाना करने से लाभ ही है। आपके जीवन से, कुंडली से दरिद्र योग का प्रभाव खत्म होने के साथ आप एक बेहतर पर्सनैलिटी बनकर निखरेंगे।

2 thoughts on “Daridra Yoga in Hindi: कारण तथा 14 Easy घरेलू कारगर उपाय”

  1. बहुत ही अच्छे से समझाया है आपने…….दरिद्रता आज नही तो कल चला ही जाएगा……एक होती है “वस्तु जन्य दारिद्रता” चीज, वस्तु, रूपया, पैसा की कमी…..दूसरी होती है “भाव-जन्य दरिद्रता” सब कुछ होते हुए भी और मिल जाए और मिल जाए…….और तीसरी होती है “ज्ञान-जन्य दरिद्रता” जिसके पास ज्ञान कि कमी हो।

    सुरु के दो दरिद्रता कोई खास मायने नहीं रखते है लेकिन ज्ञान-जन्य दरिद्रता गर दूर नहीं हुई तो वस्तु और भाव जन्य दरिद्रता दूर होने के बाद भी इंसान दुःखी और परेशान रहेगा। रामायण में आता है कि दरिद्रता सम दुःख नाहीं संत-मिलन सम सुख नाहीं ।

    आपको पढ़ कर बहुत अच्छा लगा🙏😊

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