चक्रासन योग की विधि एवं इसके लाभ/ Chakrasana Yoga in Hindi

कहते हैं शरीर जितना लचीला होता है इतना स्वस्थ होता है। शरीर को लचीला बनाने में चक्रासन योग Chakrasana Yoga का विशेष योगदान होता है। कम शब्दों में तो हम तो यह एक आसन शरीर से अनेकों बीमारियों को बचाने की क्षमता रखता है।

चक्रासन योग से मिलने वाले जब आपको इसकी अभ्यास के लिए आकर्षित एवं प्रोत्साहित करेंगे।

सुखी जीवन और अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारीरिक एवं मानसिक संतुलन आवश्यक है। योगासन, मुद्राएं तथा शारीरिक व्यायाम इस संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।

योगासनों का नियमित अभ्यास शरीर मन बुद्धि एवं इंद्रियों पर काबू पाने में मदद करता है। शरीर के सभी अंगों में ऊर्जा का संचार करता है जिससे शरीर सुदृढ़ स्वस्थ और जवान बना रहता है।

MysticMind/मिस्टिक माइंड के इस आर्टिकल में हम Chakrasana Yoga/चक्रासन योग क्या है, इसे कैसे करते हैं, इसके क्या लाभ हैं तथा इसके अभ्यास में क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिए इत्यादि के बारे में जानेंगे।

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सबसे पहले जानते हैं कि Yoga Chakrasana/चक्रासन योग क्या है?

चक्रासन योग क्या है /What is Chakrasana Yoga in Hindi

चक्रासन/Chakrasana Yoga शब्द संस्कृत के 2 शब्दों छात्र एवं आसन से मिलकर बना हुआ है। चक्र का अर्थ गोल पहिया एवं आसन का अर्थ बैठने खड़े होने में शरीर की अवस्था।

इस प्रकार शाब्दिक रूप से देखा जाए तो चक्रासन अर्थात शरीर की व्यवस्था जब इसका आकार पहिए जैसा बन जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो चक्रासन का अभ्यास शरीर को भैया जैसा आकार देना है।

देखने और सुनने में सरल किंतु चक्रासन का अभ्यास एक कठिन प्रक्रिया है। एक छोटी सी गलती हानि पहुंचा सकती है। अतः इसके अभ्यास की प्रक्रिया को ध्यान पूर्वक समझ लेना अत्यंत आवश्यक है।

आइए देखते हैं कि चक्रासन योगा अभ्यास की सही विधि/Chakrasana Steps क्या है?

चक्रासन योगा कैसे करें। How To Do Chakrasana Yoga in Hindi

ध्यान पूर्वक एवं विधिवत किया गया चक्रासन का अभ्यास शरीर को अत्यंत लचीला बनाने के साथ रोग मुक्त करने में भी सहायक है।

Chakrasana Yoga Images

#१ किसी शांत हवादार एवं स्वच्छ स्थान पर समतल जमीन देखकर चटाई बिछाई तथा उस पर पीठ के बल लेट जाएं।

#२ 4 से 5 लंबी गहरी सांस लेकर शरीर को शिथिल शांत एवं चक्रासन अभ्यास के लिए तैयार करें।

#३ शरीर को बिल्कुल सीधा रखें दोनों हाथों को कमर के पास रखें। धूम पैरों को घुटने से मोड़कर कमर के पास ले आएं। ध्यान रहे दोनों पैरों के बीच 10 से 12 इंच की दूरी बनाए रखें।

#४ अब दोनों हाथों को उठाई तथा कोहली उसे मोड़ कर कंधे के ऊपर और कान के पास ले जाए तथा हथेलियों को जमीन पर टिका दें।

#५ शांत एवं सरल तरीके से एक लंबी सांस लें और धीरे-धीरे शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करें। जितना संभव हो उतना ऊपर की ओर ले जाएं सिरको नीचे की ओर ही रहने दें सिर्फ गर्दन से लेकर कमर तक का हिस्सा ऊपर उठाएं।

#६ यथा संभव स्थिति में पहुंचने के बाद उसी स्थिति में ठहरें तथा सांसों पर ध्यान दें। जब तक संभव हो धीरे-धीरे सांस लें और बाहर छोड़ें और उसी मुद्रा में बने रहें।

#७ मुद्रा बदलने बदलते समय धीरे-धीरे शरीर को वापस जमीन पर लेकर आएं। हाथ को पूर्ववत अवस्था में ले जाएं तथा पैरों को धीरे धीरे फैलाकर संपूर्ण शरीर को सीधा शवासन की अवस्था में ले जाएं।

#८ इस प्रकार चक्रासन योग का एक चक्र पूरा होता है। एक समय पर आप चाहे तो 4 से 5 चक्रों का अभ्यास कर सकते हैं।

जैसा कि हमने ऊपर कहां है आसान से दिखने वाले किंतु अभ्यास में कठिन इस आसन के अनेकों शारीरिक एवं मानसिक लाभ हैं। अब जानते हैं  What are the benefits of Chakrasana?

यदि आप योगासनों के नियमित अभ्यासी हैं तो अपना अनुभव हमारे साथ साझा कर सकते हैं।

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चक्रासन योग के लाभ। Benefits of Chakrasana Yoga in Hindi

#१ चक्रासन के नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है तथा शरीर के हर अंग में ऑक्सीजन एवं रक्त संचार सुचारू रूप से प्रभावित होने लगता है।

#२ शरीर में अधिकतर बीमारियां ऑक्सीजन अथवा रक्त संचार की आपूर्ति में कमी के कारण उत्पन्न होती हैं। चक्रासन के नियमित अभ्यास से शरीर के हर अंग में इन दोनों की पोते होने के कारण शरीर की पूर्व बीमारियां तो दूर होती ही हैं साथ ही भविष्य में होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

#३ आधुनिक समय की सबसे आम बीमारी पीठ दर्द एवं कमर दर्द है। चक्रासन के नियमित अभ्यास से यह दोनों समस्याएं दूर हो जाती हैं तथा हड्डियों में लचीलापन आ जाता है।

#४ चक्रासन/Chakrasana Yoga का नियमित अभ्यास पेट एवं जांगू की अतिरिक्त चर्बी को हटाने में मदद करता है। कुछ दिनों का अभ्यास आपको अच्छे परिणाम देने लगता है।

#५ चक्रासन का नियमित अभ्यास छाती एवं फेफड़ों में रक्त एवं ऑक्सीजन का सुचारू प्रवाह करने लगता है। परिणाम स्वरूप सांसों की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह आसन रामबाण जैसा काम करता है।

#६ चक्रासन का नियमित अभ्यास पेट संबंधी एवं पाचन तंत्र संबंधी सभी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह आसन पाचन तंत्र को सुदृढ़ कर डायबिटीज ह्रदय रोग एवं कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारियों से बचाता है।

#७ सुबह-सुबह किया गया चक्रासन/Chakrasana Yoga का अभ्यास ना सिर्फ शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा प्रवाहित करता है स्फूर्ति लाता है बल्कि लंबे समय में बढ़ती उम्र के साथ शरीर एवं त्वचा को जबान भी रखता है।

#८ चक्रासन का अभ्यास संपूर्ण शरीर में हड्डियों को लचीला बनाने के साथ-साथ जोड़ों को मजबूत बनाता है। फलस्वरूप कंधे में घुटनों में अथवा कमर की जो संबंधी दर्द से मुक्ति मिलती है।

#९ चक्रासन Chakrasana Yoga का अभ्यास शीर्षासन से मिलने वाले मानसिक लाभ को भी प्रदान करता है। चक्रासन के दौरान जब गर्दन नीचे झुकी होती है तो मस्तिष्क में ऊर्जा एवं ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है। जिसके परिणाम में सिर दर्द अथवा अन्य कोई मस्तिष्क संबंधी समस्याएं दूर होने लगती हैं।

अद्भुत लाभ देने वाले इस आसन के अभ्यास से पूर्व एवं अभ्यास के दौरान कुछ सावधानियां रखना अत्यंत आवश्यक है जिनमें से मुख्य सावधानियां नीचे दी गई हैं।

चक्रासन अभ्यास में सावधानियां/ Chakrasana Yoga Precautions in Hindi

#१ गंभीर हृदय रोग उच्च रक्तचाप अथवा मस्तिष्क संबंधी किसी भी बीमारी की अवस्था में चक्रासन का अभ्यास चिकित्सक की सलाह के बिना ना करें।

#२ शुरुआती दिनों में चक्रासन/Chakrasana Yoga का अभ्यास योग्य शिक्षक की निगरानी में ही करें।

#३ हर्निया नेत्र दोष अथवा हड्डियों संबंधी किसी भी बीमारी की अवस्था में चक्रासन का अभ्यास न करें। अथवा चिकित्सक की सलाह अनुसार शिक्षक की निगरानी में ही करें।

#४ चक्रासन के अभ्यास से कुछ दिनों पूर्व अर्ध चक्रासन का अभ्यास करने से चक्रासन का अभ्यास सरल हो जाता है। इसलिए हमारा सुझाव है कि चक्रासन के पहले अर्ध चक्रासन अवश्य करें।

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#५ चक्रासन/Chakrasana Yoga अभ्यास के दौरान शरीर के साथ किसी भी तरह की ज़ोर जबरदस्ती ना करें। यदि अभ्यास के दौरान ज्यादा कमजोरी महसूस हो अथवा चक्कर आने की स्थिति बने तो अभ्यास तुरंत रोक दें।

चक्रासन पूर्व किए जाने वाले आसन। Chakrasana Yoga Preparatory Poses

चक्र आसन से पूर्व सूर्य नमस्कार, पर्वतासन एवं सेतुबंध सर्वांगासन का अभ्यास चक्रासन के अभ्यास को आसान बना देता है।

चक्रासन के बाद किए जाने वाले आसन

चक्रासन/Chakrasana Yoga के बाद सुप्त बद्धकोणासन,अर्ध हलासन, विपरीत करनी एवं शवासन का अभ्यास अवश्य करें। आसनों का अभ्यास शरीर को आराम देकर चक्रासन के लाभ को दोगुना कर देता है।

FAQS

#1 किन लोगों के लिए चक्रासन वर्जित है? Who Should Not Do Chakrasana?

गर्भवती महिलाओं एवं हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को इस आसन से बचना चाहिए। साथ ही उच्च रक्तचाप एवं शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर, थके हुए तथा हड्डियों की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को चक्रासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

#2 क्या चक्रासन का अभ्यास बेली फैट को कम करता है?Does Chakrasana Yoga reduce belly fat?

जी हां पेट की चर्बी को कम करने के लिए चक्रासन अथवा बिल्कुल सर्वश्रेष्ठ आसन है। इसके अभ्यास से पेट की मांसपेशियों में तनाव आता है जो पेट से अतिरिक्त चर्बी को घटाने में मदद करता है।

#4 क्या चक्रासन के अभ्यास से लंबाई बढ़ाई जा सकती है? Does Chakrasana Increase Height?

चक्रासन किसी भी उम्र के लोगों का कद बढ़ाने में मदद करता है। इस आसन के अभ्यास से छाती कंधे एवं खोलो के बंद मसल्स को खुलकर इन्हीं सामान्य करता है। जब शरीर के सारे बंद मसल्स एवं नलिका खुल जाती हैं तो कद में बढ़ोत्तरी होती है।

#5 क्या चक्रासन फोकस बढ़ाने में मदद करता है? Does Chakrasana Yoga Help in Improving Concentration?

चक्रासन का अभ्यास सिर्फ शारीरिक लाभ ही नहीं बल्कि कई मानसिक लाभ भी देता है। इसके नियमित अभ्यास से मन और इंजीनियर शांत होने लगती हैं। परिणाम स्वरूप ध्यान बेहतर और केंद्रित होने लगता है।

#6 क्या चक्रासन स्तन का आकर कम करने में मदद करता है? Does Chakrasana Reduce Breast Size?

महिलाओं में स्तन के बढ़ते आकार को लेकर समस्या बनी रहती है। चक्रासन का नियमित अभ्यास छाती की अतिरिक्त चर्बी को कम करने एवं स्तन का आकार कम करने में मदद करता है।

#7 क्या चक्रासन वजन कम करता है? Does Chakrasana Reducing Weight?

चक्रासन के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र सुदृढ़ एवं सुचारू रूप से काम करने लगता है। फलस्वरूप पेट की अतिरिक्त चर्बी स्वतः ही कम होने लगती है एवं वजन भी संतुलित होने लगता है।

#8 क्या चक्रासन बालों के लिए लाभकारी है? Is Chakrasana Good For Hair?

चक्रासन अभ्यासी सिर एवं मस्तिष्क में ऑक्सीजन तथा रक्त का प्रभाव बढ़ जाता है। जिससे बालों को सुचारू रूप से भोजन मैंने लगता है तथा बालों की असमय सफेद होने गिरने एवं कमजोर होने की समस्या दूर हो जाती है। बाल मजबूत काले एवं घने हो जाते हैं।

#9 चक्रासन कितनी बार करना चाहिए?

शुरुआती दिनों में कम से कम तीन से चार बार किया गया चक्रासन का अभ्यास कुछ ही दिनों में परिणाम देने लगता है। तो ध्यान रहे शरीर के साथ कोई जोर जबरदस्ती ना करें जितनी बार आपको सुरक्षित लगे उतनी बार ही करें।

Final Words: उम्मीद है आप अपनी दिनचर्या में चक्रासन Chakrasana Yoga का कम से कम तीन से चार चक्र पूरी कर उपर्युक्त सभी लाभों का अनुभव लेंगे। लिख लव कारी एवं मार्गदर्शक लगा हो तो दूसरों के साथ अवश्य साझा करें।

चक्रासन का अपना अनुभव हमें मेल द्वारा भेज सकते हैं जिसे हम इस आर्टिकल में शामिल करने की कोशिश करेंगे।

सबका मंगल हो

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