Brahma Mudra Pranayama: ब्रह्मा मुद्रा के 9 जादुई लाभ

Brahma Mudra Pranayama in Hindi बदलते मौसम का असर शरीर तथा मन दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। यदि मनुष्य अपने तन तथा मन के स्वास्थ्य का संतुलन रखना सीख जाए तो स्वर्ग के सारे सुख उसके गुलाम हो जाए। सुखी तथा समृद्ध जीवन का यह राज हमारे पूर्वजों को पता था इसीलिए उन्होंने विभिन्न योगासनों तथा मुद्राओं का अविष्कार किया।

ये मुद्राएं तथा आसन उन्होंने भिन्न भिन्न अंगों के लाभ के लिए बनाएं। इन्हीं में से एक अत्यंत दुर्लभ किंतु अविश्वसनीय लाभ देने वाली मुद्रा ब्रह्मा मुद्रा है। इस आर्टिकल में हम ब्रह्मा मुद्रा की विधि, इसके लाभ तथा सावधानियों के बारे में विस्तार से जानेंगे किन्तु पहले जानते हैं कि ब्रह्मा मुद्रा क्या है?

What is Brahma Mudra Pranayama in Hindi ब्रह्मा मुद्रा योग क्या है

Mudra Therapy सदियों से भारतवर्ष में लोगों को मानसिक तथा शारीरिक लाभ देती आई है। ब्रह्मा मुद्रा जैसे कि नाम से स्पष्ट है ब्रह्मा के गुणों से प्रभावित मुद्रा है। ब्रह्मा का शाब्दिक अर्थ विस्तार अथवा त्रिकाल दर्शी है। इस प्रकार यह मुद्रा न सिर्फ मनुष्य के तीसरे नेत्र अथवा Third Eye को प्रभावित करती है बल्कि शारीरिक लाभ भी प्रदान करती है।

Third Eye को कैसे जगाएं तथा उसके क्या लाभ हैं जानने के लिए नीचे लिंक पर जाएं।

आज्ञाचक्र की चमत्कारी शक्तियों को जगाने के लाभ

शास्त्रों की मानें तो ब्रह्माजी के चार मुखों का अर्थ है कि उनकी नजर एक ही समय में चारों दिशाओं में रहती थी। इस बात का गूढ़ रहस्य तो यही है कि जीवन की हर दिशाओं में नजर के साथ संतुलन रखना। इसीलिए इस Mystic Yoga Mudra ब्रह्मामुद्रा का यौगिक संसार में महत्वपूर्ण स्थान है।

दूसरे शब्दों में इसे प्राण मुद्रा तथा कंठासन भी कहते हैं।

How to Do Brahma Mudra Pranayama in Hindi/ Brahma Mudra Steps

ब्रह्मा मुद्रा कैसे करें

१- सर्वप्रथम एक शांत तथा हवादार स्थान पर कोई चटाई अथवा आसन बिछाकर पद्मासन, अथवा सिद्धासन में बैठ जाएं।

२- दोनों आंखें बंद कर लंबी गहरी सांस लें तथा कुछ देर तक रोककर रखें। फिर मुंह द्वारा सांसों को बाहर निकाल दें। तीन से पांच बार सांसों की इस प्रक्रिया को दोहराएं।

३- गर्दन को सीधी रखें तथा धीरे धीरे दाईं ओर लेकर जाएं। जितनी दूर तक आसानी से ले जा सकते हैं ले जाएं तथा स्थिर हो जाएं। मन में एक से दस तक की गिनती गिनने तक रुकें।

४- Brahma Mudra Pranayama in Hindi गर्दन को धीरे ही धीरे बाईं ओर लेकर आएं तथा एक जगह स्थिर करें। पुनः एक से दस तक की गिनती मन में गिनने तक रुकें।

५- दस तक गिनने के बाद गर्दन को बीच में ले आएं तथा सिर को धीरे धीरे ऊपर उठाएं। एक से पांच तक की गिनती मन में दोहराएं। फिर गर्दन को नीचे सामान्य अवस्था में ले आएं।

६- सामान्य अवस्था में आने के बाद एक बार गर्दन को घड़ी की दिशा में घुमाएं, फिर घड़ी की उल्टी दिशा में घुमाएं। इस प्रकार ब्रह्मा मुद्रा का एक चक्र पूरा होता है।

७- Brahma Mudra Pranayama in Hindi शुरू में कम से कम पांच चक्र पूर्ण करने की सलाह दी जाती है।

Brahma Mudra Pranayama Precaution

ब्रह्मा मुद्रा करते समय सावधानियां

ब्रह्मा मुद्रा अभ्यास के पहले उनसे संबंधित करने तथा न करने वाली बातों पर विशेष ध्यान दें।

१- गले तथा गर्दन संबंधी किसी गंभीर रोग की स्थिति में पहले चिकित्सक से तथा योग गुरु से सलाह लें।

२- गर्दन घुमाते समय ध्यान उसी क्रिया पर रखें, कुछ और सोचना ध्यान भटका सकता है तथा गर्दन में मोच की संभावना हो सकती है।

३- थायराइड आता सर्वाइकल स्पॉन्डलाइटिस पीड़ित गर्दन को नीचे करते समय बिल्कुल न झुकाएं।

४- इस मुद्रा के अभ्यास में सम्पूर्ण शरीर का सीधा होना आवश्यक है इसलिए कमर पीठ तथा सिर बिल्कुल सीधा रखें तथा आराम से इस मुद्रा का अभ्यास करें।

५- Brahma Mudra Pranayama in Hindi किसी भी प्रकार की जल्दबाजी गलत प्रभाव कर सकती है।

Brahma Mudra Pranayama Benefits in Hindi ब्रह्मा मुद्रा के लाभ

Brahma Mudra Pranayama in Hindi

१- ब्रह्मा मुद्रा के अभ्यास से प्राण अर्थात सांसों (जीवन ऊर्जा) के आवागमन में संतुलन बनता है।

२- ब्रह्मा मुद्रा दिमाग को शांत तथा शरीर को अधिक ऊर्जावान बनाता है।

३- Brahma Mudra Pranayama in Hindi नियमित ब्रह्मा मुद्रा के अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है।

४- मन से नकारात्मक विचारों को निकल नए तथा सकारात्मक विचारों के निर्माण करने में ब्रह्मा मुद्रा अत्यंत सहायक है।

५- ध्यान के अभ्यास से पहले किया जाने वाला ब्रह्मा मुद्रा व्यक्ति को ध्यान की गहराइयों में ले जाता है।

६- शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालकर शरीर को शुद्ध करता है।

७- Brahma Mudra Mudra For Neck pain ब्रह्मा मुद्रा से विशुद्धि चक्र सक्रिय होता है तथा सिर, पीठ, गर्दन एवं कंधों के तनाव तथा दर्द कम होता है।

८- गले के इर्द गिर्द के अंगों को प्रभावित करता है तथा भाषण कला के विकास में ब्रह्मा मुद्रा सहायक है।

९- Brahma Mudra for Nervous System सम्पूर्ण नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर कुण्डलिनी शक्ति को सक्रिय करने में ब्रह्मा मुद्रा मदद करती है।

Brahma Mudra Pranayama in Hindi
कब तथा कितनी देर ब्रह्मा मुद्रा का अभ्यास करें

१- ब्रह्मा मुद्रा भी अन्य मुद्राओं को तरह यदि सुबह के समय खाली पेट से किया जाय तो दिन भर तनाव कम तथा ऊर्जा अधिक रहती है। किन्तु यदि सुबह न हो सके तो किसी भी समय कर सकते हैं। सिर्फ ध्यान रखें कि मुद्रा अभ्यास के एक घंटे पहले कुछ खाएं पिएं नहीं।

२- ध्यान अभ्यास के पहले ब्रह्मा मुद्रा का अभ्यास अत्यंत लाभकारी होता है क्योंकि इससे आपके ध्यान की गहराई बढ़ती है।

३- Brahma Mudra Pranayama in Hindi संतुलित अभ्यास के लिए कम से कम ३-९ चक्र एक बारे में करें।

४- प्रभावी परिणाम के लिए कम से कम २१ से ४० दिन तक निरंतर ब्रह्मा मुद्रा का अभ्यास करें।

Final Words: उम्मीद है कि Brahma Mudra Pranayama के इतने सारे फ़ायदे जानने के बाद आप इसका अभ्यास अवश्य करेंगे। अभ्यास के बाद अपने अनुभव हमें कॉमेंट करके ज़रूर बताएं।
दूसरों को भी इस मुद्रा का लाभ हो इसलिए उनके साथ इस पोस्ट को साझा करना न भूलें।

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