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बाइपोलर डिसऑर्डर के कारण लक्षण और इलाज | Bipolar Disorder in Hindi

Bipolar Disorder in Hindi | Bipolar Disorder Meaning in Hindi | Bipolar Disorder Symptoms in Hindi | Bipolar Disorder Treatment in Hindi | What is Bipolar Disorder in Hindi | What is The Meaning of Bipolar Disorder in Hindi

आधुनिक युग, विज्ञान और टेक्नोलॉजी के युग में आज विज्ञान मनुष्य के शरीर के भीतरी होने वाली सभी क्रियाओं को जान लेने में सक्षम है। ऐसे में मनुष्य का मन एक ऐसा यंत्र है जो अपना नियंत्रण खोता जा रहा है। न जाने कितनी मानसिक बीमारिया दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं।

ऐसी ही एक बीमारी के बारे में आज हम जानेंगे जिसे Bipolar Disorder कहते हैं।
Mystic Mind के इस आर्टिकल में हम बाइपोलर क्या है, इसके क्या कारण हैं, इसके लक्षण क्या हैं तथा इनका घरेलू इलाज कैसे करें, इत्यादि विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

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आइए सबसे पहले जानते हैं कि बाइपोलर | Mood Dissorder in hindi किसे कहते हैं?

बाइपोलर बीमारी क्या है | What is Bipolar Disorder in Hindi

Bipolar Disorder एक मानसिक विकार का एक रूप है, जिसमें मन या तो उदास रहता है या लंबे समय तक उत्तेजित रहता है। उन्माद में मानसिक उदासी और मनोवैज्ञानिक विचार हावी हो जाते हैं। 100 में से लगभग एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी न कभी इस विकार का अनुभव करता है।

यह बीमारी आमतौर पर 14 से 19 साल की उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। यही अगर आप ऐसा सोच रहे होंगे कि यह बीमारी सिर्फ महिला या फिर पुरुष को ही होती होगी तो आप गलत है क्योंकि, इस बीमारी से पुरुष और महिला दोनों प्रभावित हो सकते हैं। 40 साल बाद यह बीमारी शायद ही कभी होती है।

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Bipolar Disorder के प्रमुख कारण | Reason Of Bipolar Disorder in Hindi

दुनिया में अब तक जितने भी बीमारी है उसके पीछे का कुछ ना कुछ कारण अवश्य रहता है लेकिन बात बहुत बीमारियों में ऐसी हो जाती है कि उसके पीछे का कारण वैज्ञानिकों को स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाता है जिस कारण से उस बीमारी के मुख्य कारण के बारे में लोगों को पता नहीं चल पाता है।

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आपको बता दें कि Bipolar Disorder का अभी तक कोई कारण पता नहीं लग पाया है जिस कारण से इस बीमारी का जो प्रमुख कारण है उसके बारे में बता पाना अभी बहुत ही ज्यादा मुश्किल है।

अधिकतर लोगों की मानें तो इस बीमारी का जो मुख्य डिप्रेशन है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रोग अब अनुवांशिक रुप से भी बढ़ने लगा है। मेरा मानना है कि किसी भी मानसिक रोग का कारण तनाव ही है।

लंबे समय तक तनाव को अनदेखा करना ही ऐसी बीमारियों को जन्म देता है। आइए जानते हैं कि यह मानसिक रोग कितने प्रकार का होता है अर्थात् बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रकार क्या क्या हैं?

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Bipolar Disorder के प्रकार | Types of Bipolar Disorder in Hindi

बाइपोलर 1: जैसा की आप लोगों को पता होगा कि बाइपोलर डिसऑर्डर एक प्रकार की मानसिक बीमारी है जो इसके प्रथम चरण यानी कि बाइपोलर एक में इस बीमारी से पीड़ित लोग कम से कम एक बार जोर जोर से बोलने लग जाते हैं, उन व्यक्तियों के शरीर में कभी-कभी अत्यधिक ऊर्जा या फिर अधिक उत्तेजना देखी जा सकती है।

आपलोगों को एक बात जान लेनी चाहिए की, बाइपोलर 1 जो व्यक्ति पीड़ित होते हैं वह खुद-ब-खुद तीन से छह महीने के बीच में स्वस्थ हो जाते हैं। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर कोई भी व्यक्ति बाइपोलर एक जैसे बीमारी से पीड़ित है तो वह बिना किसी डॉक्टर के इलाज के भी पता है ही तंदुरुस्त हो सकता है।

Types of Bipolar Disorder in Hindi- बाइपोलर 2: बाइपोलर एक Bipolar Disorder का प्रथम चरण है जिसके बाद बाइपोलर दो जो कि बाइपोलर एक से ज्यादा गंभीर समस्या है उसकी शुरुआत होती है। इस बीमारी में लोग अधिकतर बाहर अवसाद में चले जाते हैं और ऐसा बहुत दिनों तक लगा ही रहता है।

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आप लोगों को यह भी जान लेना आवश्यक होगा कि बाइपोलर 2 में जो व्यक्ति पीड़ित होते हैं वह कभी-कभी बहुत ज्यादा भी अवसाद में जाने लग जाते हैं। इस बीमारी का इलाज जानने के लिए आप लोगों को यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना पड़ेगा।

रैपिड साइकिल: जैसा कि इसका नाम से ही पता चल रहा है कि यह रैपिड यानी कि अत्यधिक बार होने वाली बीमारी है जो कि बाइपोलर में सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है क्योंकि, रैपिड साइकिल में इस से पीड़ित व्यक्ति को बाइपोलर डिसऑर्डर का सामना 1 साल में कम से कम 4 बार करना पड़ सकता है जो कि बहुत ही ज्यादा खतरनाक होता है।

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Bipolar Disorder के लक्षण होते | Symptoms of Bipolar Disorder in Hindi

आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि जानकारी के लिए बता दें कि अब जो आप बाइपोलर डिसऑर्डर के प्रकार को जब जान चुके हैं तो इसके लक्षणों के बारे में भी आप लोगों को जान लेना अत्यावश्यक है। क्योंकि इस बीमारी के बारे में आप लोग जितना ज्यादा जानकारी रखोगे आप लोगों के हित में उतना ही बढ़िया होगा।

आत्मग्लानि की भावना

यह लक्षण सुनने में जितना आसान लग रहा है उसमें ज्यादा है नहीं क्योंकि इसमें लोगों को आत्मग्लानि से लेकर यौन इच्छा में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

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यह डिप्रेशन वाला जो लक्षण है वह यहीं पर खत्म नहीं होता क्योंकि डिप्रेशन होने का बहुत सारा कारण होता है जिसमें से कुछ कारण हैं, घबराहट, कार्य शक्ति की कमी, नकारात्मक होना भविष्य के लिए और चिड़चिड़ापन जैसी चीजें शामिल होती है।

मन में उथल-पुथल या मैनिया

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मन में उथल-पुथल का जो यह लक्षण होता है बाइपोलर डिसऑर्डर का यह बहुत ही ज्यादा खराब लक्षण होता है।

इससे लोगों का संबंध वास्तविकता से एकदम हट जाता है यानी की वास्तविकता से लोगों का संबंध टूट सा जाता है। इस लक्षण में लोग अपनी अलग ही दुनिया में जीना शुरु कर देते हैं, और इस Bipolar Disorder से पीड़ित लोगों का मन बहुत अशांत रहना शुरू हो जाता है।

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डिप्रेशन

अगर आप लोगों को ऊपर दिए गए अन्य 2 लक्षण बहुत ही ज्यादा खराब लग रहे हैं तो इसमें से यह जो तीसरा लक्षण है यह आपको उन दोनों के मुकाबले ठीक लगेगा। क्योंकि इस तीसरे लक्षण में लोगों को डिप्रेशन के साथ-साथ मानसिक उतार चढ़ाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

यहां पर राहत की एक बात है कि यह लक्षण थोड़े दिनों के लिए ही रहता है। उसके बाद अपने आप खत्म हो जाता है। इसका मतलब यह है कि कभी लोगों के मन में डिप्रेशन रहता है तो कभी मन में उथल-पुथल यानी की तीव्र इच्छा जिसे हो कि मैनिया रहता है।

आइए जानते हैं कि किस प्रकार कुछ बातों पर विषेश ध्यान देकर इस बीमारी को दूर किया जा सकता है।

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ऊर्जा रहित महसूस करना

Bipolar Disorder का सबसे सामान्य लक्षण है कि वव्यक्ति चाहते हुए भी किसी काम को पूरा करने में असमर्थ होता है। ऐसे में वह अपने मन को ही नहीं समझ पाता है।

इच्छाएं होते हुए भी मानसिक असमर्थता के कारण वह स्वयं को नाकाबिल और कमज़ोरसमझने लगता है।

स्वयं की एक अलग दुनिया में रहना

बाइपोलर से पीड़ित व्यक्ती जरूरत से अधिक सोचता है इसलिए उसके मन में उसकी एक अलग दुनिया होती है।

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इनको अकसर अपनी दुनिया में जीना पसंद है और वे वहीं व्यस्त रहते हैं।

Bipolar Disorder के मुख्य तीन तरह के लक्षण पाए जाते हैं जिसमें कि पहला डिप्रेशन होता है वही दूसरा लक्षण मन में अत्यधिक जोश या फिर मन में अत्यधिक किसी प्रकार की भावना का आना होता है और जो तीसरा प्रकार होता है, वह इन दोनों प्रकारों का मिश्रण होता है यानी कि इन दोनों प्रकार के बीच का लक्षण होता है।

अब आप लोगों के सहूलियत के लिए इन तीनों लक्षणों के बारे में ठीक से वर्णन आपको यहां पर मिल जाएगा, तो कृपया करके आप इन तीनों लक्षणों के बारे में अत्यधिक जानकारी ले लें ।

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अधिकतर बार बिना Bipolar Disorder के भी कुछ कुछ लक्षण लोगों में सामान्यतः देखने को मिल जाते हैं। इसका मतलब यह नहीं होता है कि बाइपोलर डिसऑर्डर उस व्यक्ति को होता है यह लेकिन आप लोगों को इन लक्षणों को जान लेने के बाद थोड़ा बहुत फर्क पता चल जाएगा।

Bipolar Disorder के लिए इलाज | बाइपोलर डिसऑर्डर के घरेलू उपाय

जिन लोगों को बाइपोलर डिसऑर्डर जैसी गंभीर समस्या है उन लोगों के लिए इलाज करवाना बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि ऐसी बीमारी अधिकतर बार खुद के साथ गलत करने के विचार आते रहते हैं।

इसलिए समय पर इलाज अत्यन्त आवश्यक है। साथ ही कुछ बातों का विषेश ध्यान देकर आप घर पर ही इस रोग का इलाज कर सकते हैं।

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आइए जानते हैं कि घर पर ही बाइपोलर का इलाज Treatment of Bipolar Disorder in Hindi कैसे करें?

#१ नशीले पदार्थ से दूर रहें

कोई भी नशीला पदार्थ मनुष्य की सामान्य मानसिक गतिविधियों को कम कर देता है। एक व्यक्ती जिसे किसी भी प्रकार का मानसिक रोग है वह अपने मन की गति को बढ़ने अथवा कम होने पर विचलित हो जाता है।

इसलिए यदि आप घर पर ही Bipolar Disorder का इलाज करना चाहते हैं तो किसी भी प्रकार के ऐसे पदार्थ से दूर रहें जो ज़रा भी नशीला हो।

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#२ तनाव से दूर रहें

किसी भी मानसिक रोग का मुख्य कारण तनाव ही होता है। बाइपोलर रोगी को किसी भी प्रकार के तानव से दूर रहना आवश्यक है। जितनी देर वह तमाव मुक्त होता है उसके मस्तिष्क में कुछ ऐसी पदार्थ बनते हैं जो उसके मानसिक स्वस्थ्य को बेहतर बनाते हैं।

तनाव से बचने के लिए समय का सही प्रबंधन करें और दिनचर्या में कुछ समय मनोरंजन का रखें। साथ ही खाली समय का सदुपयोग करें, खाली न बैठें क्योंकि खाली समय और मन ही ऐसा समय है जब रोगी के मन में कुविचार आते हैं।

#३ भोजन में सुधार

भोजन मनुष्य के मन को अत्यन्त प्रभावित करता है इसलिए रोगी के खान पान पर विषेश ध्यान दें। अधिक तला भुना या मसालेदार भोजन से बचें।

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अधिक से अधिक फल, हरी सब्जियों तथा कच्चे पदार्थों का सेवन करें। कच्चे फल और सब्जियों की ऊर्जा स्वच्छ एवं उच्च होती है जिसे खाकर मन और शरीर दोनों स्वस्थ होते हैं।

#४ भरपूर नींद लें

शरीर और मन के स्वास्थ्य के लिए। समुचित नींद अत्यन्त आवश्यक है। जहां एक और जरूरत से अधिक नींद आलस लाता है वहीं दूसरी ओर उचित मात्रा में ली गई नींद कई बीमारियों से मुक्त करता है।

रात्रि नींद अत्यन्त आवश्य है इसलिए कोशिश करें कि। रात्रि दस बजे तक सो जाएं। सुबह सूर्योदय से पहले जागें तथा ताजी हवा अवश्य लें।

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#५ योग, प्रणायाम एवं व्यायाम

योग, प्राणायाम, ध्यान एकमात्र ऐसा इलाज है जो मुफ़्त में है और। सबसे प्रभावी इलाज है। Bipolar Disorder से जल्दी से मुक्त होने के लिए इसे अपनी दिनचर्या में अवश्य शामिल करें।

प्राणायाम शरीर के सभी बंद चक्रों को खोल देता है जिससे पुराना से पुराना डिप्रेशन दूर होता है। शरीर स्वस्थ एवं मन चिंता रहित और प्रसन्नचित्त होता है।

जानें- प्राणायाम की विधि एवं इसके लाभ

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#६ नकारात्मक विचारों को विराम देना सीखें

बाइपोलर पीड़ित व्यक्ति के लिए सबसे आवश्यक है कि वह नकारात्मक विचारों से दूर रहे। अकसर उनके अपने विचार ही इतने हानिकारक होते हैं कि वे स्वयं को हानि पहुंचा देते हैं।
ऐसे में इसलिए आवश्यक है कि उन्हें नकारात्मक विचारों को रोकना आना चाहिए।

इसके लिए जब भी अस्वस्थ विचार आएं कुछ अच्छी किताबें पढ़ें, फिल्म देखें अथवा बगीचे में घूम आएं।

बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज के लिए आपको कुछ खास तरह के बातों को जानना अति आवश्यक होगा क्योंकि अगर आप इन बातों को बिना जाने हुए Bipolar Disorder जैसे गंभीर बीमारी का इलाज शुरू कर दे तो इसका परिणाम भी उल्टा पड़ सकता है।

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Treatment of Bipolar Disorder in Hindi

अब तक की जानकारियों से आप लोगों को इतना तो पता चल ही गया होगा कि यह जो Bipolar Disorder होता है वह मन की बीमारी पर आधारित होता है तो इसके लिए डॉक्टर भी कोई चिकित्सा की होरा चाहिए और इसके लिए मन को ठीक रखना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है।

तो इसके लिए सबसे पहले आप लोगों को यह बात जरूर ध्यान में रखनी चाहिए कि आप जिन लोगों को भी बाइपोलर डिसऑर्डर या फिर मैनिया है तो उन लोगों के मन को सामान्य रूप से नियंत्रण में रखना आवश्यक होगा

इसके लिए बहुत से तरीके हो सकते हैं जिससे कि आप किसी भी वैसे व्यक्ति जिसको की बाइपोलर डिसऑर्डर है उसके मन को आप लोग सामान्य रख सकते हैं।

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लोगों के मन को सामान रखने के लिए नॉर्मल ही जिन लोगों को यह बीमारी है उनके मन पसंदीदा चीजों को करने की जरूरत होती है और उन लोगों के साथ अच्छे तरीके से समय बिताने की भी जरूरत होती है ।

इतने से बात नहीं बनती है क्योंकि वैसे लोगों का मन बहुत ही ज्यादा चंचल होता और कभी-कभी बहुत ज्यादा थी मिल भी हो जाता है जिसके कारण वह ना चाहते हुए भी कुछ ना कुछ उल्टा सीधा कर ही बढ़ते हैं।

मन को शांत और काबू में रखने के लिए वैसे लोगों को मनोचिकित्सक की देखरेख में रखने की आवश्यकता होती है और अक्सर वैसे लोगों को मनोचिकित्सक दवाइयां देते हैं जिनमें से लिथियम नाम की दवाई सबसे ज्यादा कारगर होती है जिसे ज्यादा मनोचिकित्सक Bipolar Disorder से पीड़ित लोगों को दिया करते हैं।

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Note: लिथियम दवाई को बिना किसी डॉक्टर के सलाह के नहीं लें

Final Words- उम्मीद है इस बीमारी Bipolar Disorder in Hindi को जानने के बाद आप इसका घरेलू ईलाज कर अपने अथवा अपने करीबी व्यक्ति को ठीक कर पाएंगे। यह इतना आसान नहीं है किन्तु असंभव भी नहीं है।

मानसिक रोगी प्रेम का भूखा होता है, थोड़ा सा खयाल रख आप किसी को स्वस्थ मन, शरीर और खुशियादे सकते हैं।

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सबका मंगल हो

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